“ऑपरेशन आघात का कहर… 2 महीनों में नशे का काला साम्राज्य हिला, सैकड़ों गिरफ्तार”

Uncategorized March 29, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
“ऑपरेशन आघात का कहर… 2 महीनों में नशे का काला साम्राज्य हिला, सैकड़ों गिरफ्तार”

“ऑपरेशन आघात का कहर… 2 महीनों में नशे का काला साम्राज्य हिला, सैकड़ों गिरफ्तार”

Raigarh में चल रहे “ऑपरेशन आघात” ने महज दो महीनों में ऐसा असर दिखाया है कि नशे के कारोबारियों के बीच खौफ का माहौल बन गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में करीब ₹4 करोड़ 50 लाख के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

      


दो महीने में ताबड़तोड़ कार्रवाई

26 जनवरी से 26 मार्च के बीच चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने जिलेभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए

  • 394 आरोपियों को गिरफ्तार किया

  • 2845 लीटर अवैध शराब जब्त की

  • 100 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया

  • 2963 किलो अवैध अफीम (पौधों सहित) पकड़ी

इसके साथ ही नशे के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 21 दुपहिया और 3 चार पहिया वाहन भी जब्त किए गए।


शराब माफियाओं पर सबसे बड़ा वार

अभियान के दौरान अवैध शराब के 357 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 367 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इनमें से 139 मामलों में 149 आरोपियों को गैर-जमानती धाराओं में जेल भेजा गया। खासतौर पर महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई में 2612 लीटर शराब जब्त की गई, जिससे ओडिशा सीमा से होने वाली तस्करी पर बड़ा असर पड़ा है।


गांजा नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

उड़ीसा रूट से चल रहे गांजा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई।

इस दौरान

  • 16 मामलों में 27 तस्कर गिरफ्तार

  • 100 किलो से ज्यादा गांजा जब्त
    किया गया, जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई है।


अफीम की खेती तक पहुंची पुलिस

नशे के खिलाफ यह अभियान सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अवैध खेती तक पहुंच गया।

तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए

  • 4 मामलों में 7 आरोपी गिरफ्तार

  • 2963 किलो अफीम (पौधों सहित) जब्त

की गई, जिसकी कीमत ₹4 करोड़ 18 लाख बताई जा रही है।


एसएसपी का सख्त संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कहा है कि नशे के खिलाफ यह अभियान रुकने वाला नहीं है।

उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अगर उनके इलाके में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि चल रही हो, तो वे तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।


बढ़ती सख्ती से मचा डर

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि अब रायगढ़ में नशे का कारोबार करना आसान नहीं रह गया है।

“ऑपरेशन आघात” ने न सिर्फ तस्करों की कमर तोड़ी है, बल्कि यह भी संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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