वर्दी के पीछे छिपा ‘नशे का खेल’! जशपुर में दो आरक्षक गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट से खुला गांजा तस्करी का राज

Uncategorized March 3, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
वर्दी के पीछे छिपा ‘नशे का खेल’! जशपुर में दो आरक्षक गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट से खुला गांजा तस्करी का राज

वर्दी के पीछे छिपा ‘नशे का खेल’! जशपुर में दो आरक्षक गिरफ्तार, व्हाट्सएप चैट से खुला गांजा तस्करी का राज

जशपुर, 03 मार्च:
जिस वर्दी पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी होती है, उसी के दामन पर जब नशे के कारोबार का दाग लगे तो हड़कंप मचना तय है। छत्तीसगढ़ के जशपुर में ऐसा ही चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां गांजा तस्करी के मामले में दो पुलिस आरक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

कार्रवाई खुद जिले के एसएसपी लाल उमेद सिंह ने की है। सख्त तेवर के लिए पहचाने जाने वाले एसएसपी ने बिना देरी के दोनों जवानों पर शिकंजा कस दिया, जिससे पूरे पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।


📱 व्हाट्सएप चैट से खुला ‘इनसाइड कनेक्शन’

सबसे चौंकाने वाला खुलासा मोबाइल चैटिंग से हुआ।
सूत्रों के मुताबिक दोनों आरक्षकों ने नशे के कारोबारी को गांजे का नमूना व्हाट्सएप पर दिखाया, फिर चैटिंग के जरिए सौदेबाजी की। इतना ही नहीं, अवैध गांजे की सप्लाई के एवज में ऑनलाइन भुगतान भी लिया गया।

डिजिटल सबूत हाथ लगते ही मामला पूरी तरह पलट गया और कार्रवाई की जमीन तैयार हो गई।


👮 कौन हैं गिरफ्तार आरक्षक?

तपकरा थाना में पदस्थ:

  • आरक्षक क्रमांक 581 धीरेंद्र मधुकर (उम्र 37 वर्ष)

  • आरक्षक क्रमांक 392 अमित त्रिपाठी (उम्र 35 वर्ष)

दोनों को 2 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


🔎 28 फरवरी की पूछताछ से हुआ बड़ा खुलासा

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को पकड़े गए एक गांजा तस्कर से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी गोविंदा से मिली जानकारी के बाद जांच की दिशा बदली और पुलिस टीम ने डिजिटल साक्ष्य जुटाए।

सूत्रों के अनुसार, दोनों आरक्षक लंबे समय से गांजा कारोबारी के साथ मिलकर तस्करी में संलिप्त थे। हालांकि पहले भी इनके खिलाफ शिकायतें मिलती रही थीं, लेकिन ठोस सबूत के अभाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इस बार एसएसपी ने घेराबंदी कर पुख्ता साक्ष्य के साथ बड़ी कार्रवाई की।


🧨 “किसी को बख्शा नहीं जाएगा” — SSP

एसएसपी लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने दो टूक कहा —

“इस मामले में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”


⚠️ अब आगे क्या?

सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ दो आरक्षकों तक सीमित मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।

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