साय कैबिनेट के 4 बड़े फैसले! एक निर्णय बदलेगा शिक्षा की दिशा, दूसरा मचाएगा सियासी हलचल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए ऐसे फैसले, जिनका असर हर छत्तीसगढ़वासी पर पड़ेगा

रायपुर: साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए 4 बड़े और दूरगामी फैसले
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में चार ऐसे बड़े फैसले लिए गए, जो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की नीति, शिक्षा, स्टार्टअप और स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं। इन निर्णयों को लेकर अब प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है।
🍾 1. छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 को मिली मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
इसके साथ ही इससे जुड़ी सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए आबकारी विभाग को अधिकृत किया गया है।
👉 माना जा रहा है कि यह फैसला राजस्व और प्रशासनिक सख्ती दोनों को प्रभावित कर सकता है।
🎓 2. नवा रायपुर में खुलेगा राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक संस्थान
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है।
इसके तहत श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को—
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सेक्टर-18 में
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लगभग 40 एकड़ भूमि
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90 वर्षों की लीज पर
आवंटित की जाएगी, जहां नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना होगी।
📌 SVKM वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है और देशभर में इसके 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं।
📊 वर्ष 2025 की NIRF यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 52वां स्थान हासिल कर चुकी इस संस्था के आने से नवा रायपुर को शिक्षा का नया हब बनने की उम्मीद है।
🚀 3. स्टार्टअप्स के लिए बड़ा बूस्ट, STPI से होगा एमओयू
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में 4 नए उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए Software Technology Parks of India (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया है।
👉 इसके तहत—
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AI, मेडटेक, स्मार्ट सिटी, स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में
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अगले 3 से 5 वर्षों में 133 स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा
साथ ही Electronics System Design & Development (ESDD) Center की स्थापना होगी, जो हर साल 30–40 हार्डवेयर स्टार्टअप्स और MSME को तकनीकी सहयोग देगा।
🏥 4. सरकारी अस्पतालों की लैब व्यवस्था होगी मजबूत
कैबिनेट ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में—
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गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं
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संसाधनों का सुदृढ़ीकरण
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जांच की संख्या में बढ़ोतरी
को लेकर अहम निर्णय लिए हैं।
अब जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब का संचालन अधिक प्रभावी किया जाएगा।
⚠️ कुल मिलाकर:
साय कैबिनेट के ये चार फैसले सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की नींव रखने वाले माने जा रहे हैं।
अब सबकी नजर इस पर है कि इन फैसलों का असर ज़मीन पर कितनी तेज़ी से दिखेगा।
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