रायपुर। शहर में वायरल फीवर अब पहले से अलग और परेशान करने वाला स्वरूप ले रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना 1000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से करीब 400 लोग गले में दर्द और हल्के बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
सामान्य लक्षणों से गंभीर समस्या तक
डॉक्टरों के अनुसार, यह वायरल फीवर पहले के मुकाबले तेजी से लौटने वाला और लंबे समय तक कमजोरी देने वाला है। शुरुआत अक्सर होती है—
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गले में दर्द
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हल्का बुखार
मरीज इसे मामूली समझकर काम पर चले जाते हैं या घरेलू दवाओं से काम चला लेते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
⚠️ पहली राहत, फिर नई परेशानी
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शुरुआती 24-48 घंटे में बुखार हल्का हो जाता है।
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लेकिन तीसरे या चौथे दिन अचानक तेज़ बुखार, शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द और कमजोरी फिर लौट आती है।
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यही कारण है कि कई मरीज एक बार ठीक होने के बाद दोबारा बीमार हो रहे हैं।
🏥 अस्पतालों में बढ़ती भीड़
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आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल, एम्स रायपुर और हमर अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार और सर्दी-खांसी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।
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डाक्टरों का कहना है कि कामकाजी लोग पूरा आराम नहीं कर रहे, जिससे शरीर को रिकवर होने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा।
🔁 बार-बार लौटने वाला वायरल फीवर, सावधानी जरूरी
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वायरस का नया पैटर्न पहले से अलग है, और बिना पर्याप्त आराम के मरीज जल्दी कमजोर हो जाते हैं।
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डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि पूरा आराम करें, पर्याप्त पानी पिएं और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं।
🚨 रायपुरवासियों के लिए चेतावनी:
दिन में आराम महसूस करना मरीजों को भ्रमित न करे, रात में वायरल फीवर लौट सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान देना अभी सबसे जरूरी है।