CG BREAKING: ट्रक की भीषण टक्कर… या किसी साजिश की शुरुआत? प्रसिद्ध कथावाचक बाल-बाल बचे

छत्तीसगढ़ December 13, 2025 • रिपोर्टर: raigarh top news
CG BREAKING: ट्रक की भीषण टक्कर… या किसी साजिश की शुरुआत? प्रसिद्ध कथावाचक बाल-बाल बचे

CG BREAKING: ट्रक की भीषण टक्कर… या किसी साजिश की शुरुआत? प्रसिद्ध कथावाचक बाल-बाल बचे

गरियाबंद।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य युवराज पांडे आज एक ऐसे सड़क हादसे का शिकार हुए, जिसने पूरे इलाके में दहशत और सवालों का तूफान खड़ा कर दिया है। गरियाबंद के कुम्हारपारा के पास पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि कथावाचक चमत्कारिक रूप से सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई।

जानकारी के मुताबिक, आचार्य युवराज पांडे साखरा (बसना) में कथा कार्यक्रम संपन्न कर अपने गृह ग्राम अमलीपदर लौट रहे थे। जैसे ही वे कुम्हारपारा के पास पहुंचे, तभी अचानक पीछे से आए ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। उस समय वाहन में वे अकेले ही सवार थे, जिससे यह हादसा और भी रहस्यमय हो गया।

हादसे के बाद आचार्य युवराज पांडे ने जो बयान दिया, उसने मामले को सिर्फ दुर्घटना से आगे पहुंचा दिया। उन्होंने साफ कहा कि यह सामान्य सड़क हादसा नहीं है, बल्कि सुनियोजित हमला हो सकता है। कथावाचक ने दावा किया,

“यह मुझ पर सातवां हमला है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। मैंने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा मांगी थी, लेकिन कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।”

घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों में डर और आक्रोश दोनों देखा गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बार-बार इस तरह की घटनाएं महज इत्तेफाक नहीं हो सकतीं, इसके पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

हादसे के तुरंत बाद आचार्य युवराज पांडे कोतवाली थाना पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ट्रक को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह दुर्घटना है या किसी साजिश का हिस्सा। ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान भी खंगाले जा रहे हैं।

इस घटना के बाद कथावाचक और उनके परिवार में भय का माहौल है। समर्थकों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विशेष सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। आचार्य युवराज पांडे छत्तीसगढ़ के चर्चित कथावाचक हैं और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अब यह सवाल गहराता जा रहा है —
क्या यह वाकई एक हादसा था, या किसी साजिश की डरावनी पटकथा?

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