दिल्ली में गूंजा बालोद का नाम! — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में जिले को दिया राष्ट्रीय सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले को किया सम्मानित, सहायक आयुक्त विजय सिंह कंवर को जिला प्रशासन ने किया सम्मानित

बालोद, 22 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने एक बार फिर पूरे देश में अपना परचम लहराया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान 17 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
राष्ट्रपति ने यह अवार्ड आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को प्रदान किया, जिन्होंने बालोद जिले की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया।
186 जनजातीय ग्रामों में बदलाव की मिसाल बना बालोद
“आदि कर्मयोगी अभियान” के दौरान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बालोद जिले में चलाए गए अभियान ने जनजातीय सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा।
जिले के 186 जनजातीय बहुल ग्रामों में प्रशासनिक टीमों ने डोर-टू-डोर संपर्क, जनजागरण और सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया।
इस पहल के तहत प्रत्येक गांव के लिए ट्राइबल विलेज एक्शन प्लान और ट्राइबल विलेज विज़न 2030 तैयार किया गया — जो ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ।
बालोद की उपलब्धि पर गर्व — सहायक आयुक्त कंवर का हुआ सम्मान
राष्ट्रपति से मिले इस राष्ट्रीय सम्मान के उपलक्ष्य में बालोद जिला प्रशासन ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इस अवसर पर अभियान के सूत्रधार सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग श्री विजय सिंह कंवर को विशेष रूप से सम्मानित किया।
साथ ही, इस कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग करने वाले एसडीएम श्री सुरेश साहू, जनपद पंचायत डौंडी के सीईओ डीडी मंडले सहित अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और अभिनंदन प्रदान किया गया।
कलेक्टर मिश्रा ने बालोद जिले की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा —
“यह सम्मान सिर्फ प्रशासन की जीत नहीं, बल्कि हर उस अधिकारी-कर्मचारी की मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का संकल्प लिया।”
राष्ट्रीय पहचान की ओर अग्रसर बालोद
बालोद जिले को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यकुशलता और जनसहभागिता का प्रतीक है।
“आदि कर्मयोगी अभियान” में बालोद का प्रदर्शन न केवल जनजातीय विकास की दिशा में एक मिसाल बना, बल्कि इसने दिखाया कि सच्ची सेवा भावना और टीमवर्क से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
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