साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: किसानों को धान खरीदी का भुगतान अब एक हफ्ते में, मिलेगी पारदर्शी व्यवस्था

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई आज की कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने धान खरीदी, भुगतान और निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है।
🌱 धान खरीदी के मुख्य बिंदु:
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राज्य के 25 लाख से अधिक किसानों से की जाएगी धान खरीदी
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दर तय — ₹3100 प्रति क्विंटल
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खरीदी अवधि — 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
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सीमा — 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक
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भुगतान मात्र 6 से 7 दिनों के भीतर किसानों के खातों में
📲 ऑनलाइन टोकन से मिलेगी कतारों से मुक्ति
धान विक्रय के लिए किसानों को अब सोसायटियों में लंबी लाइनों में खड़े नहीं रहना पड़ेगा। राज्य सरकार ने “टोकन तुंहर हाथ” मोबाइल ऐप शुरू किया है, जिसके माध्यम से किसान अपने सुविधाजनक दिन पर ऑनलाइन टोकन बुक कर सकेंगे।
🛰️ डिजिटल क्रांति से खरीदी होगी और पारदर्शी
धान खरीदी में गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने कई तकनीकी कदम उठाए हैं —
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ई-केवाईसी और एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य
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23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा
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ग्रामसभा में डेटा का पठन-पाठन अनिवार्य
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खरीदी प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था
🏢 प्रशासनिक अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी
धान खरीदी केंद्रों की निगरानी अब सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में होगी। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि कलेक्टर स्तर पर खरीदी केंद्र प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
⚙️ सख्त मॉनिटरिंग और नियंत्रण
धान की रीसाइक्लिंग रोकने और खरीदी की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए रायपुर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी। जिलों में भी नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे।
इसके अलावा सीमावर्ती इलाकों में विशेष चेकिंग दल गठित किए जाएंगे ताकि दूसरे राज्यों से धान की अवैध आवक पर रोक लग सके।
💬 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—
“हमारा उद्देश्य है कि किसानों को उनके पसीने की कीमत समय पर मिले। पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ खरीदी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।”
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