रायगढ़

Raigarh News: सैनिक को आवंटित भूमि बेचने का मामला गरमाया: युवा नेता ने लगाया पंजीयन कार्यालय और कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप, जांच की मांग

रायगढ़, 30 जुलाई 2025। रायगढ़ जिले के ग्राम खैरपुर में एक पूर्व सैनिक को जीवन यापन के लिए आवंटित भूमि के अवैध पंजीयन और बिक्री का एक नया विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक 15 के भाजपा छाया पार्षद अंशु टुटेजा ने इस मामले में पंजीयन कार्यालय और कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक और राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मामला क्या है?
मामला खैरपुर स्थित खसरा नंबर 568/2 (रकबा 2.460 हे.), 568/6 (रकबा 0.089 हे.), और 568/7 (रकबा 0.340 हे.) की कुल 2.889 हेक्टेयर भूमि से संबंधित है। यह भूमि शासन द्वारा एक पूर्व सैनिक को आवंटित की गई थी। आरोप है कि सैनिक की जानकारी या अनुमति के बिना, फर्जी तरीके से इसका नामांतरण करवाकर इसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है। रायगढ़ के व्यवसायी अमित अग्रवाल पिता हनुमान अग्रवाल ने कथित तौर पर इस भूमि को कूट रचित तरीके से अपने नाम पर रजिस्ट्री करा ली है।

पंजीयन कार्यालय पर गंभीर आरोप
अंशु टुटेजा का आरोप है कि इस अवैध कार्य में रायगढ़ के पंजीयन कार्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत है। उन्होंने नियमों की अनदेखी करते हुए इस भूमि का पंजीयन कर दिया और बिक्री नकल भी जारी कर दी। 22 मई 2025 को रायगढ़ के उप पंजीयक तनोज कुमार भू-आर्य ने इस भूमि की रजिस्ट्री की थी।

नियमों का उल्लंघन और तहसीलदार की कार्रवाई
पूर्व सैनिकों को आवंटित भूमि शासन की योजनाओं के तहत दी जाती है और उसे बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद, यह पूरी प्रक्रिया किसी भी वैधानिक अनुमति और बिना जांच के पूरी की गई।

जब नामांतरण के लिए यह प्रकरण तहसीलदार के पास पहुंचा, तो उन्होंने इसे तत्काल खारिज कर दिया। तहसीलदार ने पाया कि यह भूमि पूर्व सैनिक को आवंटित हुई थी और इसे बेचने से पहले कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन क्रेता-विक्रेता ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी। इसके अलावा, पटवारी ने भी कोई बिक्री नकल या चौहद्दी नहीं दी थी, फिर भी उप पंजीयक ने पंजीयन कर दिया। तहसीलदार रायगढ़ ने पटवारी प्रतिवेदन मंगाया, जिससे पता चला कि यह शासकीय भूमि है जिसे 25 अप्रैल 1967 को आवंटित किया गया था और अधिकार अभिलेख में आवंटन की पूरी जानकारी दर्ज है। 11 जुलाई को तहसीलदार ने नामांतरण निरस्त कर दिया।

जांच की मांग
अंशु टुटेजा ने एसडीएम और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में शासन की योजनाओं का दुरुपयोग रोका जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

This will close in 20 seconds