शराब घोटाला: पूर्व IAS निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत, लेकिन रिहाई पर अभी भी रोक

रायपुर।25 मई 2026| छतीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला में संलिप्तता के आरोप में जेल में बंद पूर्व आईएएस निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी निरंजन दास की मुश्किल कम नहीं हुई है। अभी जेल में ही रहना होगा।
पूर्व आईएएस निरंजन दास को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में ईडी व ईओडब्ल्यू के दोनों प्रकरणों में सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। जमानत याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉय माला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली के बेंच में हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ता बीते आठ महीने से शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में जेल में बंद हैं। अब तक एक मुख्य और सात पूरक चालान पेश किया गया है। अकेले ईओडब्ल्यू के प्रकरण में ही 120 गवाह हैं। मामले में अब तक ट्रायल शुरू नहीं हो पाया है। जमानत का विरोध करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पैरवी करते हुए लॉ अफसर ने कहा, याचिकाकर्ता विभाग में प्रभावशाली अफसर रहे हैं। जमानत पर रिहाई की स्थिति में गवाहों को और प्रकरण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्षतौर पर प्रभावित कर सकते हैं। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आईएएस निरंजन दास को सशर्त जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, जेल से रिहाई की स्थिति में याचिकाकर्ता काे छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। जिस राज्य में जिस जगह पर रहेंगे इसकी सूचना रायपुर कीअदालत को देनी होगी, जिस थाना क्षेत्र में रहेंगे उस थाना क्षेत्र की जानकारी भी देनी होगी। प्रकरण के संबंध में जब भी समन जारी कर तलब किया जाएगा, आना होगा।
शराब घोटाले में सभी आरोपियों को मिली जमानत
शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में जितने लोगों को आरोपी बनाया गया है, अमूमन सभी की जमानत हो गई है।
सशर्त जमानत के बाद भी नहीं हो पाएगी रिहाई
पूर्व आईएएस निरंजन दास को शराब घाेटाले में संलिप्तता के आरोप में जेल से रिहाई की सशर्त जमानत मिलने के बाद भी फिलहाल उनको जेल में ही रहना होगा। पूर्व आईएएस पर उत्तर प्रदेश में शराब घोटाले में मामला दर्ज है। पूर्व आईएएस ने प्रयागराज हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। जहां उनकी याचिका पर सुनवाई होनी है।
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