Sarangarh News: म्यूल अकाउंट से साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन कराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, एक साल में खाते से 2.71 करोड़ से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन, 56 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा खाता

रायगढ़ September 17, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Sarangarh News: म्यूल अकाउंट से साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन कराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, एक साल में खाते से 2.71 करोड़ से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन, 56 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा खाता

Sarangarh News: म्यूल अकाउंट से साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन कराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, एक साल में खाते से 2.71 करोड़ से अधिक का संदिग्ध ट्रांजेक्शन, 56 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा खाता

 

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 17 सितंबर। साइबर ठगी के मामलों में म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए ठगी की रकम का अवैध ट्रांजेक्शन कराने वाले तीन आरोपियों को सारंगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने दुर्ग जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वर्ना कार, पांच मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। जांच में संबंधित बैंक खाते से एक वर्ष के दौरान ₹2 करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 से अधिक का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है। इस खाते से जुड़े 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज मिली हैं।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल एवं एसडीओपी सारंगढ़ गोविन्द दीवान के मार्गदर्शन में साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान एक बैंक खाते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई। जांच में यह खाता दिनेश बंजारे के नाम पर होना पाया गया।

मामले में थाना सिटी कोतवाली सारंगढ़ में अपराध क्रमांक 323/2026, धारा 317(4), 317(5), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि दिनेश बंजारे द्वारा अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर ठगी में संलिप्त लोगों को उपलब्ध कराया गया था। इसके बदले उसे कमीशन के रूप में राशि मिलने की बात सामने आई।

गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल और विभिन्न साइबर शिकायतों के तकनीकी विश्लेषण में खाते से एक साल के भीतर ₹2,71,75,719 से अधिक का लेनदेन पाया गया। साथ ही, खाते से संबंधित विभिन्न राज्यों में 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली।

पुलिस ने बताया कि मामले में पूर्व में अनिल पटेल निवासी सकरतुंगा, दिनेश बंजारे और उत्तम बाई बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने करीब 2,000 मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान होने के बाद पुलिस टीम ने 16 सितंबर को चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग में दबिश दी और तीन आरोपियों को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चेतन निषाद उर्फ भदरी उर्फ लक्की (23), निवासी सोंडरा, थाना धरसींवा, हाल कोलिहापुरी, दुर्ग; देवा श्रीकांत चन्द्राकर (31), निवासी चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, दुर्ग; और योगेन्द्र चन्द्राकर (32), निवासी चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, दुर्ग के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों द्वारा मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर तथा सर्वर के माध्यम से अवैध ट्रांजेक्शन कराने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अनिल पटेल के साथ मिलकर दिनेश बंजारे के बैंक खाते में 2.71 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का ट्रांजेक्शन कराया और इसके बदले कमीशन प्राप्त किया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वर्ना कार क्रमांक CG-10-AQ-7723, अनुमानित कीमत ₹6 लाख, पांच मोबाइल फोन, अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख, तथा एटीएम कार्ड एवं पासबुक जब्त किए हैं।

तीनों आरोपियों को 16 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर उप जेल सारंगढ़ भेज दिया गया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली सारंगढ़ निरीक्षक प्रमोद यादव, सउनि प्रकाश रजक, प्रधान आरक्षक भंवर काटले, प्रधान आरक्षक सोनसाय यादव, आरक्षक विमल जांगड़े, पुरुषोत्तम राठौर तथा साइबर सेल के रामकुमार मानिकपुरी और दीपक मैत्री सहित थाना एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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