रायगढ़ ट्रेलर मालिक संघ के अध्यक्ष और साथियों पर जानलेवा हमला

घनश्याम उर्फ़ बंटी डालमिया,, गोपाल गोयंका , धीरेन्द्र प्रधान , विपिन अग्रवाल , धनी मित्तो , तेजराम , सहित अन्य 100-140 लोगों पर रायगढ़ ट्रांसपोर्ट यूनियन नें कराया एफआईआर
इस हमले में शंकर अग्रवाल, प्रभाशंकर साही, सुभाष पाण्डेय, संजय अग्रवाल और सतीश कुमार चौबे सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए
रिवॉल्वर, पिस्टल, तलवार, लकड़ी के डंडे और जहरीले/ज्वलनशील स्प्रे से लैस थे हमलावर
25-ARM, 27-ARM, 115(2)-BNS, 118(1)-BNS, 190-BNS, 191(2)-BNS, 191(3)-BNS, 296-BNS, 310(2)-BNS, 351(3)-BNS के तहत दर्ज की गई एफआईआर
रायगढ़ टॉप न्यूज 19 जनवरी। रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ के अध्यक्ष आशीष यादव ने तमनार पुलिस में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक भीड़ ने उन पर और उनके साथियों पर हमला कर उन्हें मारपीट की, उनके कार्यालय से पैसे लूटे और जान से मारने की धमकी दी।
यादव के मुताबिक, यह घटना कल शाम (18 जनवरी) करीब 4:45 से 5:00 बजे के बीच हमीरपुर बॉर्डर क्षेत्र, इंडियन ऑयल मिश्रा पेट्रोल पंप के पीछे स्थित संघ के कार्यालय में हुई। उस समय वे अपने संघ के सदस्यों के साथ बैठकर कर रहे थे। तभी अचानक घनश्याम उर्फ बंटी डालमिया के नेतृत्व में 100-140 लोगों की एक भीड़ वहां पहुंची।
आरोपों के अनुसार:
भीड़ के सदस्य रिवॉल्वर, पिस्टल, तलवार, लकड़ी के डंडे और जहरीले/ज्वलनशील स्प्रे से लैस थे। उन्होंने कार्यालय के बाहर यादव और उनके साथियों को घेर लिया और माँ-बहन की गालियां देते हुए जबरन कार्यालय में घुसे। हमलावरों ने पीड़ितों की आंखों में स्प्रे मारा, उन्हें कॉलर से पकड़कर सड़क पर घसीटा और बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में शंकर अग्रवाल, प्रभाशंकर साही, सुभाष पाण्डेय, संजय अग्रवाल और सतीश कुमार चौबे सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं आरोपी बंटी डालमिया ने कार्यालय से 4 टोकन और लगभग 15,000 रुपये नकद लूट लिए। हमलावरों ने पीड़ितों को जान से मारने की धमकी भी दी। जैसे ही पुलिस के आने की आशंका हुई, हमलावर भागकर ओडिशा बॉर्डर की ओर चले गए।
पीड़ित पक्ष का आरोप:
आशीष यादव ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी घनश्याम उर्फ बंटी डालमिया एक गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिस पर ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में कई मामले दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि यह गिरोह संघ के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी हिंसक घटना कर सकता है, जिनके वाहन फिलहाल ओडिशा में फंसे हुए हैं।
इस शिकायत पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला दर्ज किया है। संबंधित धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 118(1), 191(2), 191(3), 190, 310(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 शामिल हैं। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ ने पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मांग की है कि: सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। लूटे गए सामान और नकदी की बरामदगी कराई जाए। ओडिशा में फंसे संघ के सदस्यों को उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
इस घटना ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा क्षेत्र में परिवहन व्यवसाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
यह पूरा मामला स्थानीय लोगों के अनुसार लोडिंग प्रतिशत और प्रति वाहन ₹400 की कथित अवैध वसूली को लेकर शुरू हुआ. ओडिशा की खदानों से रायगढ़ के उद्योगों के लिए कोयला परिवहन का कार्य दोनों राज्यों के ट्रांसपोर्टर करते हैं. समझौते के बावजूद छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों को 33% लोडिंग नहीं दिए जाने और ऊपर से ₹400 की मांग ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया.
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