Raigarh: पीएम जनमन से बदल रही पीवीटीजी बस्तियों की तस्वीर, आदिवासी परिवारों तक पहुंच रहीं बुनियादी सुविधाएं

रायगढ़ October 24, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh: पीएम जनमन से बदल रही पीवीटीजी बस्तियों की तस्वीर, आदिवासी परिवारों तक पहुंच रहीं बुनियादी सुविधाएं

Raigarh: पीएम जनमन से बदल रही पीवीटीजी बस्तियों की तस्वीर, आदिवासी परिवारों तक पहुंच रहीं बुनियादी सुविधाएं

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के विकास को मिली गति

जिला प्रशासन के प्रयासों से आवास, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का हो रहा विस्तार

रायगढ़, 24 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से रायगढ़ जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों के माध्यम से इन परिवारों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिले के तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा, धरमजयगढ़ और खरसिया विकासखंडों की 52 ग्राम पंचायतों की 53 पीवीटीजी बसाहटों के 961 परिवार इस अभियान के दायरे में हैं। इन परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर बनाना है।

पक्के आवास से पेयजल तक, गांवों में पहुंच रहीं सुविधाएं

पीएम जनमन के तहत जिले में आवास निर्माण, संपर्क सड़कों, पेयजल व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्युतीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि 173 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 170 पक्के मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास मिला है, जिन्हें पहले कच्चे मकानों में रहकर बारिश सहित मौसम की कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पेयजल व्यवस्था के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। चिन्हित 327 पाइप्ड एवं सामुदायिक पेयजल संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही तीन आंगनबाड़ी संबंधी कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं। इन सुविधाओं से ग्रामीणों को बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बच्चों की देखभाल और पोषण व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।

घरों में रोशनी, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान

दूरस्थ बसाहटों में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्रिड और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं पर काम किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 ग्रिड आधारित और 27 सौर ऊर्जा आधारित घरेलू विद्युतीकरण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इससे संबंधित परिवारों को बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। अभियान के अंतर्गत पांच मोबाइल मेडिकल यूनिट संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा दो बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इन केंद्रों में सामुदायिक बैठकों, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और शासकीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी देने के लिए सुविधा उपलब्ध है।

शासकीय योजनाओं से जोड़कर परिवारों को दिया जा रहा लाभ

पीएम जनमन के तहत बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पीवीटीजी परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए परिवारों की जरूरतों के अनुसार आधार, जनधन खाते, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, सिकल सेल जांच, व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे, किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ताकि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और दूरस्थ बसाहटों में रहने वाले लोगों तक भी शासन की सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए संबंधित विभागों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की पहचान और योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

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