‘मकान तुम्हारा… पैसा मेरा!’ PM आवास में खुला पंचायत का खेल
पक्का घर सिर्फ कागज़ों में, सरपंच के खाते में पहुंच रही रकम— बलरामपुर में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बलरामपुर।
सरकार की PM आवास योजना, जो गरीबों को पक्का घर देने का सपना दिखाती है, वही योजना अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सामने आई सच्चाई ने सिस्टम की नींव हिला दी है। यहां हितग्राहियों के नाम पर मकान स्वीकृत तो हो रहे हैं, लेकिन पैसे सरपंच के खाते में जा रहे हैं— और घर आज तक बना ही नहीं।
मामला ग्राम पंचायत नरसिंहपुर का है, जहां एक हितग्राही का आवास साल भर पहले स्वीकृत हुआ, लेकिन आज तक ईंट तक नहीं लगी। आरोप है कि सरपंच ने आवास की पूरी राशि अपने खाते में डलवा ली।
🏚️ कागज़ों में पक्का मकान, हकीकत में कच्ची ज़िंदगी
PM आवास योजना को लेकर नेता और मंत्री बड़े-बड़े दावे करते हैं, होर्डिंग्स लगते हैं, आंकड़े गिनाए जाते हैं—
लेकिन धरातल की सच्चाई बलरामपुर में कुछ और ही कहानी कह रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि—
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अंगूठा लगवाकर हितग्राहियों का पैसा निकाल लिया जाता है
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मकान शुरू तक नहीं होते
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लोग आज भी किराए या कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं
🏃♂️ न्याय की तलाश में SDM के पास पहुंचे ग्रामीण
जब साल भर तक कोई सुनवाई नहीं हुई, तो ग्राम पंचायत नरसिंहपुर के दर्जनों ग्रामीण SDM कार्यालय पहुंच गए।
ग्रामीणों ने खुलकर आरोप लगाया कि सरपंच और कुछ जनप्रतिनिधि PM Awas Yojana को कमाई का जरिया बना चुके हैं।
🗣️ ‘सरपंच के चक्कर काटते-काटते साल निकल गया’
ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा—
“बार-बार सरपंच के पास गए, हर बार टाल दिया गया। पैसा निकल चुका है, लेकिन घर आज तक शुरू नहीं हुआ।”
⚠️ अफसर बोले— होगी जांच
मामले में जनपद पंचायत के CEO से सवाल किए गए, लेकिन वे जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।
अब ग्रामीणों को डर है कि कहीं यह मामला भी फाइलों में दबकर न रह जाए।
❓ सबसे बड़ा सवाल
क्या गरीब का घर सरपंच की कमाई बन गया है?
और क्या PM आवास योजना का पैसा वापस सही हाथों तक पहुंचेगा?
📰 बलरामपुर की यह कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं— बल्कि उस सिस्टम की तस्वीर है, जहां ‘मकान तुम्हारा, पैसा मेरा’ कहकर गरीबों के सपनों से खेला जा रहा है…
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