Raigarh: धर्म और राष्ट्र की रक्षा हेतु श्री गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान युगों-युगों तक प्रेरणादायी: प्रेम शंकर सिदार

रायगढ़। रायगढ़ के संत प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम (नगर निगम ऑडिटोरियम) में आज ‘350वीं शहादत वर्ष स्मृति समिति’ द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी के 350वें शहादत वर्ष के उपलक्ष्य में एक भव्य व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में गुरु तेग बहादुर साहेब जी की जीवनी पर आधारित चित्र प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही।कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सिख समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय प्रेम शंकर जी सिदार (सह क्षेत्र प्रचारक, मध्य क्षेत्र – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने अपने सारगर्भित संबोधन में गुरु साहिब के जीवन और उनके अटूट साहस पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“श्री गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान केवल एक धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धर्म की रक्षा के लिए था। उनके ‘हिंद की चादर’ स्वरूप को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारा सामूहिक उत्तरदायित्व है।”
कार्यक्रम की रूपरेखा
दोपहर 03:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में गुरु साहब की जीवनी पर आधारित व्याख्यान के माध्यम से राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन और मार्गदर्शन समर्पण सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर श्री गुरु सिंह सभा, रायगढ़ के अध्यक्ष महेंद्र राजपाल जीप्रो.महेंद्र खनूजा जी,ज्ञानी हरपाल जी डॉ प्रकाश मिश्रा जी(जिला संघचालक रायगढ़ ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मंच पर उपस्थित रहे, स्मृति समिति के सदस्य और शहर के गणमान्य नागरिक सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में गुरु साहब के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और समाज में एकता का संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया गया।
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