मेहनत और लगन से हासिल की नई ऊंचाई, गोपाल पटेल ने जीते दो गोल्ड मेडल

रायगढ़ November 3, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
मेहनत और लगन से हासिल की नई ऊंचाई, गोपाल पटेल ने जीते दो गोल्ड मेडल

मेहनत और लगन से हासिल की नई ऊंचाई, गोपाल पटेल ने जीते दो गोल्ड मेडल

 

राज्यपाल रमेन डेका ने किया सम्मानित, बी.कॉम. में 7.91 सीजीपीए के साथ विश्वविद्यालय में रहे प्रथम

रायगढ़। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में उड़ान और प्रयासों में निरंतरता होती है। पटेलपाली निवासी गोपाल पटेल ने अपनी मेहनत से एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। नौकरी के साथ पढ़ाई का सिलसिला जारी रखते हुए उन्होंने बी.कॉम. में विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया और दो स्वर्ण पदकों के हकदार बने।

बिलासपुर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में 3 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल माननीय श्री रमेन डेका ने गोपाल पटेल को दो स्वर्ण पदक प्रदान किए। बी.कॉम. परीक्षा 2024 में 7.91 सीजीपीए के साथ सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर उन्हें यह गौरव मिला।

सम्मान के रूप में उन्हें पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और स्वर्गीय श्रीमती किशोरी देवी एवं स्वर्गीय श्री मुरलीधर पटेरिया स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

गोपाल का शैक्षणिक सफर भी खास रहा है। उन्होंने वर्ष 2014 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने एक नए विषय में अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2022 में बी.कॉम. में प्रवेश लिया। उत्तम महाविद्यालय, रायगढ़ के अध्ययन केंद्र से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। परीक्षा का केंद्र किरोड़ीमल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रायगढ़ था।

गोपाल पटेल वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, झलमला में सहायक ग्रेड-3 के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। कार्यालयीन कार्यों के साथ पढ़ाई के लिए समय निकालना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने नियमित अध्ययन और निरंतर मेहनत के जरिए अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

अपनी सफलता पर उन्होंने माता-पिता, पत्नी श्रीमती नीलम पटेल, मित्रों और विद्यालय के सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पत्नी के निरंतर सहयोग और परिवार के प्रोत्साहन को अपनी उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।

गोपाल का अगला लक्ष्य एम.कॉम. की पढ़ाई पूरी करना है। उनकी इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि जीवन में आगे बढ़ने और कुछ नया सीखने के लिए कभी देर नहीं होती।

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