Raigarh: लय, ताल और भाव-अभिव्यक्ति के सुंदर संगम से सजी लिली चौहान की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति

रायगढ़ September 17, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh: लय, ताल और भाव-अभिव्यक्ति के सुंदर संगम से सजी लिली चौहान की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति

Raigarh: लय, ताल और भाव-अभिव्यक्ति के सुंदर संगम से सजी लिली चौहान की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति

रायगढ़, 17 सितम्बर 2026/ 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की चौथी सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय नृत्यांगना लिली चौहान ने अपनी प्रभावशाली नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों की सराहना बटोरी। कथक एवं भरतनाट्यम में प्रशिक्षित लिली चौहान ने अपनी प्रस्तुति में लय, ताल, भाव और नृत्य की तकनीकी बारीकियों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।

आठ वर्षों से अधिक समय से शास्त्रीय नृत्य के अध्ययन और मंचीय प्रस्तुतियों से जुड़ी लिली चौहान ने अपनी प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की गरिमा और भाव-अभिव्यक्ति को प्रभावी ढंग से सामने रखा। उनकी लय एवं ताल पर मजबूत पकड़ के साथ नृत्य की मुद्राओं और भाव-भंगिमाओं ने प्रस्तुति को आकर्षक बनाया। लिली चौहान वर्तमान में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में कथक विषय से पीएच.डी. शोध कर रही हैं। उन्होंने मास्टर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की शिक्षा भी प्राप्त की है। नृत्य के साथ-साथ नाटक, रंगमंच और संगीत का अनुभव उनकी कला को व्यापक आयाम प्रदान करता है। उनकी प्रमुख प्रस्तुतियों में खजुराहो महोत्सव, चक्रधर समारोह रायगढ़, अंतरराष्ट्रीय शास्त्रीय नृत्य महोत्सव काठमांडू, भागीरथी महोत्सव उत्तराखंड और भोरमदेव महोत्सव कवर्धा शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में भी प्रस्तुतियां दी हैं।

लिली चौहान को ‘जयपदमा सम्मान’ और ‘गुरु सम्मान’ सहित विभिन्न सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने 7वें कृष्ण प्रिया महोत्सव एवं नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भी हासिल किया है। वे दूरदर्शन केंद्र रायपुर की ‘बी’ ग्रेड कलाकार हैं तथा छत्तीसगढ़ शासन की ‘चिन्हारी’ योजना के अंतर्गत पंजीकृत कलाकार हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर उनकी प्रस्तुति ने शास्त्रीय नृत्य की परंपरा, सौंदर्य और भाव-अभिव्यक्ति को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया और दर्शकों को अपनी कला से जोड़े रखा।

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