
कुरुक्षेत्र, 10 नवम्बर 2025: कुरुक्षेत्र के सांसद श्री नवीन जिंदल ने आज लोकसभा में चुनाव सुधार पर बोलते हुए देश के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया और कहा कि अब समय आ गया है कि भारत में मतदान को और अधिक सरल और सभी के लिए सुलभ बनाया जाए।
श्री जिंदल ने कहा कि हम अक्सर Ease of Living और Ease of Doing Business की चर्चा करते हैं, लेकिन अब देश को Ease of Voting को भी प्राथमिकता बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि करीब 1.5 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिक विदेशों में रहते हैं और अनेक लोग केवल इसलिए मतदान नहीं कर पाते क्योंकि वे मतदान के दिन भारत नहीं आ सकते। यह स्थिति उन लोगों के लिए भी कठिन है जो देश के भीतर ही कामकाज के कारण अपने शहर से दूर रहते हैं।
लोकसभा में अपने वक्तव्य में श्री जिंदल ने कहा कि भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी में सबसे अग्रणी देशों में है। जब हम हर दिन UPI जैसी टेक्नोलॉजी के माध्यम से करोड़ों ट्रांजैक्शंस कर सकते हैं और मजबूत साइबर सुरक्षा प्रणालियों का उपयोग करते हैं, तो मतदान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को तकनीक की सहायता से और अधिक सुलभ क्यों नहीं बनाया जा सकता।
कई देशों में है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की सुविधा: नवीन जिंदल
उन्होंने बताया कि एस्टोनिया, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड और मेक्सिको जैसे कई देश पहले ही अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित रिमोट या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की व्यवस्था लागू कर चुके हैं।
श्री जिंदल ने कहा कि सुरक्षित एब्सेंटी या ई-वोटिंग व्यवस्था वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, प्रवासी मजदूरों और उन सभी लोगों के लिए बड़ी राहत देगी जिन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में मतदान प्रतिशत अक्सर 64 से 65 प्रतिशत के आसपास रह जाता है और तकनीक के उपयोग से यह भागीदारी काफी बढ़ सकती है।
उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वैश्विक प्रणालियों का अध्ययन कर एक सुरक्षित और विश्वसनीय व्यवस्था तैयार की जाए जिससे प्रवासी भारतीय और अन्य पात्र मतदाता मतदान के दिन से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना वोट डाल सकें।
श्री जिंदल ने अंत में कहा कि लोकतंत्र का असली उत्सव तभी पूरा होता है जब प्रत्येक भारतीय चाहे वह देश में हो या विदेश में अपनी सरकार चुनने में भागीदारी कर सके। उन्होंने कहा कि वोट केवल एक निशान नहीं बल्कि नागरिक की पहचान और शक्ति है और तकनीक का उपयोग करके इसे और सक्षम बनाया जाना चाहिए।
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