UP में बारिश बनी आफत! 14 की मौत, 46 जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात… अगले कुछ घंटे बेहद भारी

देश July 10, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
UP में बारिश बनी आफत! 14 की मौत, 46 जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात… अगले कुछ घंटे बेहद भारी

UP में बारिश बनी आफत! 14 की मौत, 46 जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात… अगले कुछ घंटे बेहद भारी

 

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में मानसून अब कहर बरपा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के चलते गुरुवार को 14 लोगों की मौत हो गई। हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 46 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

सबसे अधिक जनहानि पूर्वांचल में हुई है। गोरखपुर और बस्ती मंडल में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत हुई, जबकि बुलंदशहर में दीवार गिरने से 2 लोगों ने जान गंवा दी। कई जिलों में जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है और सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1952 के बाद तीसरी सबसे अधिक बारिश है। इसके अलावा एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी और आगरा में 146 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते कई जिलों का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है।

इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

IMD ने रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में अगले कुछ घंटों तक तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल, बरेली और पीलीभीत में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

स्कूल बंद, लोगों से सतर्क रहने की अपील

खराब मौसम को देखते हुए कानपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और सहारनपुर में कक्षा 12वीं तक के स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

CM योगी ने दिए तत्काल राहत के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्षाजनित घटनाओं में हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराने, घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

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