Chhattisgarh: बढ़ा राजकीय पशु का कुनबा,  बारनवापारा में वनभैंसों की संख्या 6 से बढ़कर 14 हुई, हाल ही में जन्में तीन शावक 

छत्तीसगढ़ October 31, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
Chhattisgarh: बढ़ा राजकीय पशु का कुनबा,  बारनवापारा में वनभैंसों की संख्या 6 से बढ़कर 14 हुई, हाल ही में जन्में तीन शावक 

Chhattisgarh: बढ़ा राजकीय पशु का कुनबा,  बारनवापारा में वनभैंसों की संख्या 6 से बढ़कर 14 हुई, हाल ही में जन्में तीन शावक 

 

रायपुर। राज्य में राजकीय पशु वनभैंसा का कुनबा बढ़ाने असम से वर्ष 2020 में लाई गई दो तथा वर्ष 2023 में लाई गई चार मादा वनभैंसों सहित कुल छह की संख्या बढ़कर अब दो गुना से ज्यादा 14 हो गई है। तीन राजकीय पशुओं ने 15 अक्टूबर से 26 अक्टूबर के बीच तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों को बारनवापारा स्थित बाड़े में विशेष निगरानी में रखा गया है। शावकों तथा उनकी मां को किसी तरह के संक्रमण से बचाने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

 

गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ में प्योर नस्ल का छोटू नाम का वनभैंसा एकमात्र राजकीय पशु है, वह काफी उम्रदराज हो गया है। छोटू को अभी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के पूर्व में बनाए गए वनभैंसा रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। असम से लाए गए जिन मादा वनभैंसों ने शावकों को जन्म दिया है, उन सभी का पिता मानस नामक वनभैंसा है।छत्तीसगढ़ समाचार

शावकों के जन्म पर विशेष निगरानी और देखरेख
वर्ष 2025 में दो शावकों की मृत्यु हो गई थी। इस कारण विभागीय अधिकारी सावधानी बरतते हुए हाल के दिन में जन्मे शावकों के साथ मादा शावकों को विशेष निगरानी में रखे हुए हैं। मादा राजकीय पशुओं के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद से ही विभागीय अधिकारी उन तीनों मादा वनभैसों को झुंड से अलग कर विशेष देख-रेख करने के साथ डाइट दे रहे थे। राजकीय पशु के शावक होने की पुष्टि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ओपी यादव ने भी की है।

किए गए सुरक्षा के उपाय
वनभैंसो को जहां रखा गया है, उस क्षेत्र में हाथी सहित अन्य वन्यजीव नहीं पहुंच पाएं, इसके लिए अलग से इंतजाम किए गए हैं। वनभैसों की निगरानी के लिए अलग से गश्ती दल 24 घंटे निगरानी कर रहा है। बाड़ा के आसपास लोगों की आवाजाही करने पर रोक लगा दी गई है। शावकों को अभी आम लोगों से दूर रखा गया है।

चिकित्सक के अलावा किसी को जाने की अनुमति नहीं
हाल के दिनों में जन्मे राजकीय पशु के शावकों के साथ उनकी मां को कोरेंटाइन में रखा गया है। वनमैसों के करीब अधिकारी, केयर टेकर तथा चिकित्सक के अलावा किसी और को जाने की अनुमति नहीं दी गई है। शावकों के करीब जाने के लिए अधिकारी के साथ चिकित्सक अपने आपको सेनेटाइज करते हैं। उसके बाद ही शावकों के करीब जाते हैं।

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