राधा रानी की भक्ति में रंगा रायगढ़, राधा माधव के महाअभिषेक में उमड़ा भक्तिसैलाब

रायगढ़ September 21, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
राधा रानी की भक्ति में रंगा रायगढ़, राधा माधव के महाअभिषेक में उमड़ा भक्तिसैलाब

राधा रानी की भक्ति में रंगा रायगढ़, राधा माधव के महाअभिषेक में उमड़ा भक्तिसैलाब

इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के राधाष्टमी महोत्सव में करीब 500 श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

हरिनाम संकीर्तन, कथा और बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, 56 भोग के बाद सभी ने ग्रहण किया महाप्रसाद

रायगढ़, मृदंग और करताल की थाप पर गूंजता हरे कृष्ण महामंत्र, राधा-माधव के जयकारों से भक्तिमय होता वातावरण और भक्ति में झूमते श्रद्धालु… शनिवार को चैतन्य नगर कॉलोनी स्थित क्लब हाउस राधा रानी की भक्ति में रंगा नजर आया। इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के राधाष्टमी महोत्सव में करीब 500 श्रद्धालु शामिल हुए। शाम 4 से रात 8 बजे तक चले आयोजन में हरिनाम संकीर्तन, श्री राधा रानी की कथा, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, राधा माधव का महाअभिषेक, 56 भोग, आरती, कीर्तन और महाप्रसाद सहित विभिन्न आयोजन हुए।

महोत्सव की शुरुआत हरिनाम संकीर्तन से हुई। मृदंग और करताल की धुन पर गूंजते हरे कृष्ण महामंत्र के साथ श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। देखते ही देखते पूरा परिसर राधा-कृष्ण के नाम संकीर्तन से गूंजने लगा। संकीर्तन के बाद इस्कॉन रायपुर के मुख्य पुजारी एवं इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के प्रभारी मिथिलापति प्रभुजी ने श्री राधा रानी की महिमा और राधाष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर कथा सुनाई।

उन्होंने श्री राधा रानी के स्वरूप, भगवान श्रीकृष्ण के साथ उनके दिव्य संबंध तथा कृष्ण भक्ति में श्री राधा के महत्व को विस्तार से बताया। कथा के दौरान श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ जुड़े रहे। महोत्सव में बच्चों ने गायन और नृत्य की भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। राधा-कृष्ण की भक्ति पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने आयोजन में विशेष आकर्षण जोड़ा। बच्चों की प्रस्तुतियों को श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ सराहा।

आयोजन का प्रमुख आकर्षण राधा माधव का महाअभिषेक रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और हरिनाम संकीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने महाअभिषेक में सहभागिता की। राधा-माधव के जयकारों और हरिनाम संकीर्तन से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
महाअभिषेक के पश्चात भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। दर्शन और आरती के बाद पुनः हरिनाम संकीर्तन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई और करीब 500 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

जन्माष्टमी महामहोत्सव के बाद राधाष्टमी में भी दिखा उत्साह

रायगढ़ में इस्कॉन के आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार बढ़ता उत्साह भी इस महोत्सव में नजर आया। इससे पहले इस्कॉन रायगढ़ द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को तीन दिवसीय महामहोत्सव के रूप में भव्य तरीके से मनाया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। इसके बाद राधाष्टमी के आयोजन में भी करीब 500 लोगों की सहभागिता ने शहर में बढ़ती राधा-कृष्ण भक्ति की तस्वीर सामने रखी।
इस्कॉन के रायगढ़ में सक्रिय होने के बाद हरिनाम संकीर्तन, जन्माष्टमी, राधाष्टमी और अन्य आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति से जुड़ने वाले लोगों की संख्या में उत्साह दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की सहभागिता इन आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ रही है।

राधा रानी की कृपा से प्राप्त होती है कृष्ण भक्ति : मिथिलापति
इस अवसर पर मिथिलापति प्रभुजी ने कहा कि श्री राधा रानी भगवान श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति हैं। राधा और कृष्ण का संबंध दिव्य प्रेम और भक्ति का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि श्री राधा रानी की कृपा के बिना कृष्ण भक्ति की प्राप्ति संभव नहीं मानी जाती। राधाष्टमी का पर्व भक्तों को इसी प्रेम और भक्ति के भाव से जोड़ने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि इस्कॉन के आयोजनों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को हरिनाम संकीर्तन और श्री राधा-कृष्ण की भक्ति से जोड़ना है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की सहभागिता के माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

दामोदर मास में दीपदान का आयोजन
राजा पारा के पल्लवी महल स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ में हर रविवार श्रीमद भागवत की भावपूर्ण कथा, हरिनाम संकीर्तन और महाप्रसाद लगाया जाता है। कार्तिक माह को इस्कॉन संस्था दामोदर माह के रूप में मनाती है। पूरे माह संस्था के सदस्य आमंत्रित किए जाने पर घर-घर जाकर दीपदान करते हैं और भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हैं। जो श्रद्धालु इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के सदस्यों को अपने घर बुलाते हैं वे सभी उनके घर जाकर भगवान श्री दामोदर अर्थात श्री कृष्ण को कम से कम 51 दिए चढ़ाकर महाप्रसाद चढ़ाते हैं। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन और दामोदर अष्टकम गीत गाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं के बारे में भक्तों को बताया जाता है।

क्या है इस्कॉन
इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) प्रचार केंद्र हरे कृष्ण आंदोलन के तहत एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जो भक्ति योग और कृष्ण भावनामृत को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। राजा महल के सामने पल्लवी महल में बीते 4 साल से केंद्र खुला हुआ है जहां हर दिन भक्तिमय माहौल में भजन कीर्तन और नाम संकीर्तन के आयोजन होते हैं, जो भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। केंद्र में नियमित रूप से प्रवचन और व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भगवद गीता और अन्य वैदिक ग्रंथों की शिक्षाओं पर चर्चा की जाती है। इस्कॉन प्रचार केंद्र में प्रसाद और साहित्य का वितरण किया जाता है, जिससे लोगों को कृष्ण भावनामृत के बारे में जानने का अवसर मिलता है।

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