Raigarh News: नाबालिग से छेड़छाड़ के गंभीर मामले में सिरफिरे युवक की गिरफ्तारी, छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में कार्रवाई

महिला सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस की सख्त पहल, एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई
रायगढ़, 08 फरवरी 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिला सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस द्वारा सख्त और संवेदनशील कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में महिला थाना ने एक बालिका से छेड़छाड़ के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सिरफिरे युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले को लेकर 06 फरवरी की रात्रि बालिका के पिता द्वारा महिला थाना में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रार्थी ने बताया कि दिनांक 06.02.2026 की शाम वह अपनी पत्नी के साथ नटवर स्कूल में प्रवचन सुनने गया हुआ था और घर में बच्चे मौजूद थे। रात्रि करीब 10 बजे जब वे घर लौटे तो पुत्री ने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में दिलसाय चौहान छत के ऊपर बने गेट से घर के भीतर घुस आया और उसके साथ छेड़छाड़ की। साथ ही आरोपी ने घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने और मारपीट करने की धमकी भी दी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। रिपोर्ट के आधार पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 08/2026 धारा 331(4), 74, 75(2), 115(2), 351(3) भारतीय न्याय संहिता एवं 8 पॉक्सो एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिलसाय चौहान पिता स्व. समारू चौहान उम्र 25 वर्ष, निवासी रायगढ़, थाना सिटी कोतवाली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर, सहायक उप निरीक्षक विल्फ्रेड मसीह एवं महिला थाना का हमराह स्टाफ शामिल रहा।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —
इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि “रायगढ़ जिले में महिलाओं एवं नाबालिगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनके सम्मान और गरिमा के विरुद्ध होने वाले हर अपराध पर पुलिस की नजर है और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों पर कानून की पूरी सख्ती बरती जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या आपराधिक घटना की जानकारी निर्भय होकर पुलिस को दें, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और समाज में भयमुक्त वातावरण कायम किया जा सके।”
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