जिंदल आदर्श भारती में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव सम्पन्न संस्कृति, साहित्य और संस्कारों की दिखी अनूठी छटा

रायगढ़ October 17, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
जिंदल आदर्श भारती में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव सम्पन्न संस्कृति, साहित्य और संस्कारों की दिखी अनूठी छटा

जिंदल आदर्श भारती में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव सम्पन्न संस्कृति, साहित्य और संस्कारों की दिखी अनूठी छटा

प्रथम दिवस: “पन्नों की धरोहर’’ – पुरानी पुस्तकों का मंचन
द्वितीय दिवस: “धरोहर” – देश के पारंपरिक पर्व, तीज-त्यौहार का मंचन

रायगढ़। जिंदल आदर्श ग्राम्य भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, किरोड़ीमल नगर, रायगढ़ में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘पन्नों की धरोहर’ एवं ‘धरोहर’ का आयोजन 15 एवं 16 अक्टूबर 2026 को अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। भारतीय संस्कृति, साहित्य, परंपराओं एवं संस्कारों की अमूल्य विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस समारोह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को एक आकर्षक मंच प्रदान किया।
15 अक्टूबर को कक्षा पहली से पाँचवीं तक के विद्यार्थियों ने “पन्नों की धरोहर” विषय पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। लोटपोट, चंदा मामा, चम्पक, नंदन जैसी पुरानी बाल पुस्तकों के माध्यम से उस जमाने के पुराने किरदारों का जीवंत चित्रण किया गया।
16 अक्टूबर को ‘‘धरोहर’’ नाम से आयोजित कार्यक्रम में हजारों वर्ष पुरानी भारतीय सभ्यता, संस्कृति, विभिन्न पारंपरिक त्योहारों एवं लोक परम्पराओं को मंच के माध्यम से जीवंत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना एवं दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति से परिचित कराना एवं संजोकर रखना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में ओ.पी. जिंदल स्कूल के प्राचार्य एवं डीन, ‘जिंदल ग्रुप ऑफ स्कूल्स’ श्री आर.के. त्रिवेदी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम एवं विद्यालय प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक लक्ष्य तय कर उसके पीछे समर्पित भाव से काम करते रहना चाहिए। निरुद्देश्य एवं लक्ष्य विहीन मस्तिष्क में विकृतियाँ अपना प्रभाव बना लेती हैं और व्यक्ति भटक जाता है। इसीलिए प्रत्येक छात्र अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुसार छोटा या बड़ा जो भी लक्ष्य निर्धारित करें एवं उसे प्राप्त करने के लिए अपने गुरुजनों एवं माता-पिता के मार्गदर्शन व सहयोग से मेहनत करें। इस दौरान उन्होंने मस्तिष्क को एकाग्रचित्त करने के लिए बहुत ही सरल तरीका बताया।
शिक्षण समिति के चेयरमैन श्री विजय कुमार अग्रवाल ने पालकों एवं छात्र-छात्राओं से कहा की वे जीवन में मनोरंजन के लिए साहित्य एवं पुस्तकों का पठन-पाठन नियमित रूप से करते रहें। इससे मस्तिष्क का विकास एवं याददाश्त कि क्षमता बढती है। इस डिजिटल युग में पुस्तकों से दूर रहने से बच्चों एवं बड़ों की भी याददाश्त कमजोर होती जा रही है। केवल पुस्तकों का पठन-पाठन ही इस समस्या से छुटकारा दिला सकती है।

विद्यालय की सीबीएसई माध्यम की प्राचार्या श्रीमती प्रियंका जैन द्वारा विद्यालय का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विगत शैक्षणिक सत्र की प्रमुख उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रगति तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का उल्लेख किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना और इसके श्रेष्ठ मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना हम सभी का साझा दायित्व है ।

वार्षिकोत्सव के इस गरिमामय अवसर पर प्रतिभावान एवं मेधावी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए एकेडमिक अवॉर्ड प्रदान कर एवं विभिन्न क्षेत्रों की सफल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष श्री भरोस राम पटेल, प्रबंध निदेशक एवं कोषाध्यक्ष श्री प्रणय कुमार अग्रवाल, सचिव श्री अनुज राम सिदार, सह-सचिव श्री दिनेश कुमार उरांव, समिति की सदस्य श्रीमती मंजू अग्रवाल एवं श्रीमती आयुषी अग्रवाल, सीजी बोर्ड हिंदी माध्यम के प्राचार्य श्री संजय कुमार शर्मा, सीजी बोर्ड अंग्रेजी माध्यम की प्राचार्या श्रीमती रीना नाथ, सीजी बोर्ड हिंदी माध्यम की उप-प्राचार्या श्रीमती ममता सिंह, श्रीमती कलिता बिसेन एवं श्रीमती रजनी सिंह (प्रधानपाठिका), श्रीमती संगीता मल्लिक (विंग इंचार्ज), श्रीमती गुंजन जोशी (प्राइमरी – को- ओर्डीनेटर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के अंत में श्रीमती रिमझिम सिंह (हायर सेकेंडरी विंग- को-ओर्डीनेटर) द्वारा अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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