Raigarh: पूर्व रंजिश में लूटपाट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला, कोतवाली पुलिस ने हटाई लूट की धारा
Raigarh: पूर्व रंजिश में लूटपाट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला, कोतवाली पुलिस ने हटाई लूट की धारा
मारपीट की घटना को लूटपाट बताकर दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट, रिपोर्टकर्ता ने शपथ पत्र देकर स्वीकार की बात
कोतवाली पुलिस ने झूठी रिपोर्ट पर न्यायालय को प्रेषित की प्रतिवेदन, न्यायालय आदेशानुसार होगी आगे की कार्रवाई
झूठी रिपोर्ट लिखना अपराध है, कानून के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी—एसएसपी शशि मोहन सिंह
रायगढ़, 14 अक्टूबर । थाना कोतवाली क्षेत्र में मारपीट की घटना को लूटपाट का रूप देकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला सामने आया है। विवेचना के दौरान प्रार्थी से पूछताछ और गवाहों के कथन के आधार पर घटना में लूटपाट की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद प्रार्थी ने पूर्व रंजिश के कारण आरोपियों को फंसाने की नीयत से लूटपाट की बढ़ा-चढ़ाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात स्वीकार करते हुए शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया। मामले में कोतवाली पुलिस ने लूटपाट से संबंधित धारा 309(6) भारतीय न्याय संहिता (BNS) को हटाकर विधि अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 9 अक्टूबर 2026 को कोतरारोड़ क्षेत्र के जयसिंह गली में रहने वाले संजय दास, उम्र 22 वर्ष, ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 अक्टूबर की रात्रि करीब 12:30 बजे रेलवे बंगला स्थित जगन्नाथ मंदिर के पास सागर यादव, शैलेश साहू और भोला नामक युवकों ने उसके साथ मारपीट की तथा 5,000 रुपये और सोने की चेन छीन ली। प्रार्थी की मौखिक रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 583/2026 के तहत धारा 115(2), 296, 315(3), 351(3), 309(6) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
विवेचना के दौरान थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने प्रार्थी एवं गवाहों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पूछताछ में घटना मारपीट की होने की जानकारी सामने आई। लूटपाट के संबंध में बारीकी से पूछताछ करने पर प्रार्थी ने पूर्व रंजिश के चलते आरोपियों को फंसाने की नीयत से लूटपाट की झूठी और बढ़ा-चढ़ाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात स्वीकार की। इस संबंध में प्रार्थी द्वारा शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया गया है।
विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर कोतवाली पुलिस ने प्रकरण से लूटपाट की धारा 309(6) BNS हटाकर विधि अनुरूप कार्रवाई की है। वहीं, प्रार्थी के विरुद्ध संभावित वैधानिक कार्रवाई के संबंध में माननीय न्यायालय को कोतवाली पुलिस द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रार्थी के विरुद्ध आगे की कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेशानुसार की जाएगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
“किसी निर्दोष को फंसाने के उद्देश्य से झूठी लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराना कानून का दुरुपयोग है। ऐसे मामलों में पुलिस निष्पक्ष विवेचना कर सच्चाई सामने लाएगी और झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई के लिए न्यायालय को प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। आम नागरिकों से अपील है कि पुलिस को सही जानकारी दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। कानून का सहारा लें, कानून का दुरुपयोग न करें।”