मेनोपॉज के बाद क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? डॉक्टर से जानें कारण और बोन हेल्थ मजबूत रखने के तरीके

लाइफस्टाइल & हेल्थ October 9, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
मेनोपॉज के बाद क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? डॉक्टर से जानें कारण और बोन हेल्थ मजबूत रखने के तरीके

मेनोपॉज के बाद क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? डॉक्टर से जानें कारण और बोन हेल्थ मजबूत रखने के तरीके

मेनोपॉज़ आमतौर पर महिलाओं में 45 से 55 साल की उम्र के बीच होता है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन जैसे रिप्रोडक्टिव हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिसका असर महिलाओं की सेहत पर कई तरह से पड़ सकता है। खासकर इसका सबसे ज़्यादा असर महिलाओं की हड्डियों पर पड़ता है। नई दिल्ली स्थित आकाश हेल्थकेयर में डायरेक्टर और हेड – डिपार्टमेंट ऑफ़ ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट, डॉ. आशीष चौधरी बता रहे हैं कि ऐसा क्यों होता है और आपको कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए?

मेनोपॉज़ हड्डियों की सेहत को कैसे प्रभावित करता है?
डॉक्टर आशीष चौधरी कहते हैं कि जैसे-जैसे मेनोपॉज़ नज़दीक आता है महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, और यह प्रक्रिया मेनोपॉज़ के बाद भी जारी रहती है। एस्ट्रोजन की कमी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ाती है, जिसमें हड्डियाँ कमज़ोर और कम घनत्व वाली हो जाती हैं और आसानी से टूट जाती हैं। मेनोपॉज़ के बाद शुरुआती पाँच सालों में महिलाएँ अपनी बोन मास का लगभग 10% हिस्सा खो देती हैं, जिसके बाद हड्डी का नुकसान धीरे-धीरे कम हो जाता है।

हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए अपनी डाइट में कैल्शियम से भरपूर फूड्स जैसी डेयरी प्रोडक्ट्स, बादाम, ब्रोकली,सैल्मन मछली, सार्डिन और टोफू जैसे खाद पदार्थ को शामिल करें। 19 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के लिए रोज़ाना 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम लेने की सलाह दी जाती है। अगर आपको अपने खाने से काफ़ी कैल्शियम नहीं मिल रहा है, तो सप्लीमेंट्स के लिए डॉक्टर से बात करें। इसके अलावा शारीरिक गतिविधि को डेली रूटीन में शामिल करें। पैदल चलना, जॉगिंग करना और सीढ़ियाँ चढ़ना – ये सभी ‘वेट-बेयरिंग’ (वज़न उठाने वाली) एक्सरसाइज़ हैं जो मज़बूत हड्डियाँ बनाने में मदद कर सकती हैं

विटामिन D कम न होने दें
कैल्शियम के अलावा, यह पक्का करें कि विटामिन D का लेवल भी सही हो। कैल्शियम को सोखने के लिए आपके शरीर को विटामिन D की ज़रूरत होती है। इसके अलाव सैल्मन, ट्राउट, व्हाइटफ़िश और टूना जैसी तैलीय मछलियाँ विटामिन D के बेहतरीन स्रोत हैं। मशरूम, अंडे और दूध व अनाज जैसे फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी विटामिन D के अच्छे स्रोत हैं। धूप भी शरीर में विटामिन D बनाने में मदद करती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  रायगढ़ टॉप न्यूज किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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