Raigarh: राज्यसभा सांसद ने चक्रधर समारोह में फूहड़ता का लगाया आरोप, बीड़ी जलाई ले और जुम्मा-चुम्मा जैसे गानों पर जताई आपत्ति

रायगढ़ September 21, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh: राज्यसभा सांसद ने चक्रधर समारोह में फूहड़ता का लगाया आरोप, बीड़ी जलाई ले और जुम्मा-चुम्मा जैसे गानों पर जताई आपत्ति

Raigarh: राज्यसभा सांसद ने चक्रधर समारोह में फूहड़ता का लगाया आरोप, बीड़ी जलाई ले और जुम्मा-चुम्मा जैसे गानों पर जताई आपत्ति

 रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रामलीला मैदान पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का आयोजन किया जा रहा है. पद्मश्री सम्मानित कलाकारों से लेकर बॉलीवुड के चर्चित गायकों के सुरों से सजने वाले प्रतिष्ठित मंच को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. समारोह के सातवें दिन इंडियन आइडल फेम अमित साना की प्रस्तुति के दौरान कुछ गानों पर कड़ी आपत्ति जताई गई है. भाजपा के राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने आपत्तिजनक गानों पर विरोध जताया है. उन्होंने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री साय और संस्कृति मंत्री से लिखित शिकायत करने की बात कही है.

दरअसल, 41वें चक्रधर समारोह के सातवीं संस्कृति संध्या में रायगढ़ घराने की कथक नृत्यांगना और गुरु सोमा दास के मार्गदर्शन में श्री नटराज नृत्य कला केंद्र के कलाकारों ने मनमोहक कथक प्रस्तुति दी। अंत में इंडियन आइडल फेम अमित साना अपने ग्रुप के साथ प्रस्तुति देने पहुंचे. इस दौरान मंच से ‘बीड़ी जलाई ले, जिगर से पिया’, ‘चुम्मा-चुम्मा दे दे’ जैसे गाने गाए गए, जिनपर विशेष रूप से राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने आपत्ति जताई है.

फूहड़ गाने चक्रधर समारोह का अपमान – राज्यसभा सांसद देवेंद्र
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यक्रम के बीच ही वापस आ गए थे. कार्यक्रम में उस समय मंच के सामने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, उनकी पत्नी सहित कई अधिकारी मौजूद थे। इस समारोह के मंच से ऐसा फूहड़ गाना चक्रधर समारोह का अपमान तो है ही, साथ ही उनके दादा चक्रधर जी की आत्मा को भी गंभीर ठेस लगी है.

राज्य सभा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित सांस्कृतिक मंत्री को पत्र लिखेंगे. उन्होंने कहा कि लिखित आपत्ति के साथ ही वह मौखिक रूप से भी इस मुद्दे को उठाएंगे. सांसद ने आरोप लगाया कि समारोह की गरिमा शुरुआत से ही तार-तार हो रही है.

राज्यपाल के आगमन से पहले गणेश वंदना
41वां अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह न केवल फूहड़ गानों बल्कि अन्य घटनाक्रमों को लेकर भी सवालों में घिरा हुआ है. बताया जा रहा है कि चक्रधर समारोह के शुभारंभ के मौके पर राज्यपाल डेका के आगमन से पहले गणेश वंदना के बाद शुरुआत कर दी गई थी. इसके अलावा हर दिन चार कार्यक्रम के बाद दीप प्रज्वलन किया जाता है. अब प्रतिष्ठित मंचों से फूहड़ गानों की प्रस्तुति ने विवाद की स्थिति खड़ी कर दी है.

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