CG News: चलती मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकना पड़ा भारी, लोको पायलट घायल; आरपीएफ ने आरोपी को किया गिरफ्तार
CG News: चलती मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकना पड़ा भारी, लोको पायलट घायल; आरपीएफ ने आरोपी को किया गिरफ्तार
कोरबा। कोरबा के जूनाडीह-दीपका एसईसीएल साइडिंग के बीच मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकने वाले युवक को रेलवे सुरक्षा बल ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में लोको पायलट को चोट लगी थी। आरोपी की पहचान कृष्णानगर, दीपका निवासी रोशन तिवारी के रूप में हुई है, जिसे रेलवे न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इंजन पर किया गया पत्थर से हमला
घटना 10 सितंबर की रात लगभग दो बजे की है। मालगाड़ी संख्या एन बॉक्स/15 जूनाडीह से दीपका एसईसीएल साइडिंग की ओर जा रही थी। दीपका बाजार फाटक के पास अचानक इंजन पर पत्थर से हमला किया गया। स्टोन पेल्टिंग की इस घटना में इंजन में सवार लोको पायलट को चोट लग गई थी। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कोरबा में अपराध क्रमांक 783/2026 के तहत धारा 153 रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के क्रम में रेलवे सुरक्षा बल ने पुलिस थाना दीपका के सहयोग से कार्रवाई करते हुए संदेही को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम रोशन तिवारी, पिता स्व. दुर्गा प्रसाद तिवारी, उम्र 26 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 07, कृष्णानगर, दीपका, थाना दीपका, जिला कोरबा बताया।
घटना के वक्त नशे में था आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था और नशे की हालत में ही उसने मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंक दिया था। आरोपी के बयान के आधार पर उसे पूर्व में दर्ज अपराध में संबद्ध कर गिरफ्तार किया गया। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार रेलवे संपत्ति और रेल कर्मचारियों पर हमला गंभीर अपराध है। धारा 153 रेलवे एक्ट के तहत यह दंडनीय है, जिसमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद 15 सितंबर 2026 को माननीय रेलवे न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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रेलवे सुरक्षा बल ने आम लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक के आसपास इस तरह की हरकत न करें। पत्थरबाजी से न केवल रेल कर्मचारी घायल हो सकते हैं, बल्कि बड़ा रेल हादसा भी हो सकता है। इस तरह की घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल आरपीएफ या नजदीकी थाने को सूचना दें।