Raigarh News:  UPI फ्रॉड, फर्जी कॉल-मैसेज, OTP-पिन, QR कोड और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान, पुलिस ने बैंक ग्राहकों को किया जागरूक

रायगढ़ August 29, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News:  UPI फ्रॉड, फर्जी कॉल-मैसेज, OTP-पिन, QR कोड और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान, पुलिस ने बैंक ग्राहकों को किया जागरूक

Raigarh News:  UPI फ्रॉड, फर्जी कॉल-मैसेज, OTP-पिन, QR कोड और संदिग्ध लिंक से रहें सावधान, पुलिस ने बैंक ग्राहकों को किया जागरूक

एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में दूसरे सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी एवं UPI सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान

रायगढ़, 29 अगस्त 2026 । छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत 23 से 29 अगस्त तक अभियान के दूसरे सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी एवं UPI सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस की टीमों द्वारा जिले के विभिन्न बैंकों में पहुंचकर बैंकिंग कार्य के लिए आने वाले खाताधारकों, आम नागरिकों एवं बैंक कर्मचारियों को साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।

इसी कड़ी में थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा थाना प्रभारी अमित तिवारी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न बैंकों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने कोटक महिंद्रा बैंक, यूको बैंक, ICICI बैंक, IDFC First Bank तथा पंजाब नेशनल बैंक मिलूपारा में पहुंचकर बैंकिंग कार्य के लिए आए नागरिकों एवं बैंककर्मियों से संवाद किया और उन्हें डिजिटल बैंकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

UPI से पैसा भेजते समय बरतें विशेष सावधानी

पुलिस टीम ने नागरिकों को समझाया कि आज डिजिटल भुगतान हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन साइबर ठग इसी सुविधा का फायदा उठाकर लोगों के बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं। UPI PIN केवल भुगतान करने के लिए दर्ज किया जाता है, पैसा प्राप्त करने के लिए नहीं। यदि कोई व्यक्ति पैसा भेजने या रिफंड देने के नाम पर UPI PIN डालने, QR कोड स्कैन करने अथवा किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के लिए कहता है तो सावधान हो जाएं।

किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन न करें। QR कोड स्कैन करने से आपके खाते से पैसा कट सकता है। इसी प्रकार किसी व्यक्ति द्वारा भेजे गए “Collect Request” या भुगतान अनुरोध को बिना जांचे स्वीकार न करें।

OTP, UPI PIN, ATM PIN और CVV किसी से साझा न करें

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि बैंक, पुलिस, RBI अथवा कोई भी अधिकृत संस्था बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी मांगता है तो ऐसी जानकारी बिल्कुल साझा न करें।

साइबर ठग अक्सर बैंक खाता बंद होने, KYC अपडेट नहीं होने, क्रेडिट कार्ड बंद करने, बिजली बिल बकाया होने, SIM बंद होने अथवा खाते में संदिग्ध गतिविधि होने का डर दिखाकर लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते हैं। OTP और UPI PIN आपकी बैंकिंग सुरक्षा की चाबी हैं। इन्हें किसी के साथ साझा करना सीधे तौर पर खाते की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

फर्जी कॉल और मैसेज से रहें सतर्क

पुलिस टीम ने नागरिकों को बताया कि साइबर ठग कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिस अधिकारी, कभी कस्टमर केयर कर्मचारी तो कभी सरकारी अधिकारी बनकर फोन करते हैं। बातचीत के दौरान वे डर पैदा करते हैं और तत्काल कार्रवाई के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने या मोबाइल पर प्राप्त OTP बताने का दबाव बनाते हैं। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं। फोन काटें, संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर स्वयं संपर्क करें और सत्यापन के बाद ही कोई कदम उठाएं।

KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी से बचें

साइबर ठग KYC अपडेट के नाम पर मोबाइल पर लिंक भेजते हैं और लिंक खोलकर व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी भरने को कहते हैं। कई बार मोबाइल में कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करवाकर खाते की जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि KYC अपडेट कराने के लिए किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, कोई संदिग्ध एप डाउनलोड न करें और स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस की अनुमति न दें।

फर्जी कस्टमर केयर से भी रहें सावधान

साइबर ठगी का एक बड़ा तरीका फर्जी कस्टमर केयर नंबर के माध्यम से भी सामने आ रहा है। नागरिक किसी बैंक, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म या अन्य सेवा का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर खोजते हैं और फर्जी नंबर पर संपर्क कर बैठते हैं। इसके बाद ठग सहायता करने के नाम पर OTP, कार्ड डिटेल, UPI PIN अथवा स्क्रीन शेयर करने को कहते हैं। पुलिस ने सलाह दी कि किसी भी बैंक, एप या ऑनलाइन सेवा का हेल्पलाइन नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट अथवा आधिकारिक एप से ही प्राप्त करें।

“डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराने वालों से बचें

जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने नागरिकों को यह भी बताया कि साइबर अपराधी वीडियो कॉल अथवा फोन के माध्यम से पुलिस, CBI, ED, TRAI या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और उनके विरुद्ध अपराध दर्ज होने अथवा गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” करके पैसे जमा कराने की कोई वैध पुलिस प्रक्रिया नहीं है। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल कॉल काटें और पुलिस को सूचना दें।

संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है महंगा

पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि मोबाइल पर आने वाले आकर्षक ऑफर, इनाम, लॉटरी, नौकरी, कैशबैक, रिफंड, बैंक KYC अथवा डिलीवरी के नाम से भेजे गए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अनजान लिंक खोलने से पहले सोचें—किसने भेजा, क्यों भेजा और क्या यह वास्तव में आधिकारिक स्रोत है ? किसी लिंक की विश्वसनीयता स्पष्ट नहीं होने पर उसे न खोलना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

सोशल मीडिया पर भी बरतें सावधानी

पुलिस ने नागरिकों को सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड रखने, दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) का उपयोग करने तथा अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, मैसेज एवं वीडियो कॉल से सावधान रहने की सलाह दी। किसी भी व्यक्ति के साथ निजी फोटो, दस्तावेज, बैंक संबंधी जानकारी अथवा पहचान संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा न करने की अपील की गई।

ठगी हो जाए तो चुप न रहें—तुरंत 1930 पर कॉल करें

पुलिस टीम ने नागरिकों को विशेष रूप से बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराएं नहीं और घटना को छिपाएं नहीं। ठगी होने के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही जल्दी संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से राशि को रोकने/होल्ड कराने की कार्रवाई का प्रयास किया जा सकता है। इसके लिए पीड़ित व्यक्ति को तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बैंक को तत्काल सूचित कर खाते/लेनदेन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करानी चाहिए तथा उपलब्ध स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, UPI ID, बैंक खाता विवरण, ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए।

रायगढ़ पुलिस की अपील—साइबर अपराध से बचने के लिए “रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें”

रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल सुविधा का उपयोग करते समय थोड़ी सी सावधानी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

खबर शेयर करें: