छत्तीसगढ़

Raigarh: राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन पर कलेक्टर ने की समीक्षा, 56 ग्रामों के 799 बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की तैयारी

हाउस होल्ड सर्वे के लिए समय-सीमा निर्धारित, ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण दलों के गठन एवं प्रशिक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ
जिले में 23 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों की उपलब्धता, 7 हजार 582 मीट्रिक टन का हुआ वितरण

रायगढ़, 9 जून 2026/ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास, हाउस होल्ड सर्वे की तैयारियों, खरीफ सीजन की तैयारियों तथा किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से विशेष प्रकोष्ठों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। इसके तहत पूर्व में गठित विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर विकास प्रकोष्ठ के क्षेत्राधिकार का पुनर्परिसीमन करते हुए विशेष रूप से कमजोर जनजाति बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा विकास प्रकोष्ठ, धरमजयगढ़ का पुनर्गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना धरमजयगढ़ को प्रकोष्ठ का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुनर्गठित प्रकोष्ठ के अंतर्गत बिरहोर जनजाति के 26 ग्रामों के 243 परिवार तथा पहाड़ी कोरवा जनजाति के 28 ग्रामों के 556 परिवार शामिल किए गए हैं। इस प्रकार कुल 56 ग्रामों के 799 परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों से लाभान्वित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा पीवीटीजी हाउसहोल्ड डाटा कैप्चर एवं पीवीटीजी एंटाइटलमेंट कार्ड सर्वेक्षण के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जिला, अनुविभाग एवं ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों एवं सर्वेक्षण दलों का गठन किया जा रहा है। ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण दलों का प्रशिक्षण 15 एवं 16 जून को आयोजित किया जाएगा तथा 17 जून से 3 जुलाई 2026 तक मोबाइल एप के माध्यम से परिवार सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके उपरांत सर्वे प्रपत्रों का परीक्षण एवं अनुमोदन की कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, कौशल विकास, आवास, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा। शासन की मंशानुरूप पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कृषि उप संचालक ने जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा जिले के लिए खरीफ 2026 के लिए विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त आबंटन किया गया है तथा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लगातार भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की जा रही है। कृषि उप संचालक ने बताया कि वर्तमान में जिला सहकारी बैंक के डबल लॉक केंद्रों में 4 हजार 543 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण उपलब्ध है। वहीं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 11 हजार 81 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रखे गए हैं। इस प्रकार जिले में कुल 15 हजार 624 मीट्रिक टन उर्वरकों का उपलब्ध स्टॉक किसानों की जरूरतों की पूर्ति के लिए उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान अब तक किसानों को 7 हजार 582 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश एवं एसएसपी सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डबल लॉक केंद्रों एवं समितियों में उपलब्ध भंडारण तथा अब तक किए गए वितरण को मिलाकर जिले में कुल 23 हजार 206 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता दर्ज की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 71.62 प्रतिशत है।

कलेक्टर ने उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ सीजन के दौरान जिले के किसी भी क्षेत्र में उर्वरकों की कमी की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने विकासखंडवार उपलब्धता एवं वितरण की नियमित निगरानी करने, समितियों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा किसानों को सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।





















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