आंधी का तांडव: सुभाष चौक में होर्डिंग गिरा, युवती घायल; शहर भर में ब्लैकआउट

खरसिया में हनुमंत कथा का पंडाल धराशायी, बिजली व्यवस्था चरमराई
निगम और प्रशासन की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी
मोबाइल फोन पर गूंजा ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’
रायगढ़ टॉप न्यूज 30 मई : शहर में मौसम ने अचानक करवट ली है। तेज हवाओं और आंधी-तूफान के चलते शहर के हृदय स्थल सुभाष चौक पर शनिवार की शाम यहाँ लगा एक भारी-भरकम लोहे का बैनर (होर्डिंग) तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल पाया और सड़क पर आ गिरा। जिसकी चपेट में आकर एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस वक्त यह विशालकाय स्ट्रक्चर नीचे गिरा, उस समय वहां से गुजर रही एक यवती ममता दास इसकी चपेट में आ गई। उसके सिर में चोट लगने पर उसे इलाज के लिए संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं उसकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।



राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँच गई। सुरक्षा के मद्देनजर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा मौके पर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि आम लोगों को उस तरफ जाने से रोका जा सके। फिलहाल, भारी मशीनों (जेसीबी) की मदद से सड़क पर गिरे इस विशालकाय लोहे के मलबे को हटाने का काम तेजी से चल रहा है, ताकि यातायात को जल्द से जल्द पूरी तरह से सुचारू किया जा सके।
निगम की टीम मुस्तैद: तेज आंधी-तूफान के बीच त्वरित कार्रवाई से व्यवस्थाएं की जा रही है बहाल
शहर में अचानक आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के बीच नगर निगम की टीम ने तत्परता, समन्वय और मुस्तैदी का परिचय देते हुए कम समय में बाधित व्यवस्थाओं को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है। सुभाष चौक क्षेत्र में तेज हवा के कारण बड़े होर्डिंग्स सड़क पर गिर जाने से आवागमन बाधित होने के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। सूचना मिलते ही नगर निगम के तकनीकी, विद्युत, उद्यान, वाहन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। तकनीकी अधिकारियों सहित 30 से ज्यादा कर्मचारी की टीम द्वारा विद्युत एवं ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु करने का कार्य किया जा रहा है।
फोन पर गूंजा ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’
के फोन पर आज एक ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’ (अत्यंत गंभीर चेतावनी) का नोटिफिकेशन अचानक बज उठा, जिसने सभी को सतर्क कर दिया। मौसम विभाग ने राज्य के कई क्षेत्रों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। इस अलर्ट के अनुसार, अगले 3 घंटों के भीतर निम्नलिखित जिलों के कुछ अलग-अलग स्थानों पर खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है। जारी किए गए अलर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कोरबा, रायगढ़, शक्ति, सरगुजा क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना है। साथ ही, तेज हवाओं के चलने और बारिश के साथ भीषण आंधी आने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
तेज आंधी-तूफान से पूरा शहर अंधेरे में डूबा, घंटों रहा ब्लैकआउट
शनिवार शाम 6 बजे आए तेज आंधी-तूफान ने शहर की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते शहर में व्यापक ब्लैकआउट की स्थिति बन गई, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। कई इलाकों में बिजली के खंभे टूटने और तार क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
आंधी-तूफान का असर शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने की सूचना है, जिसके कारण विद्युत विभाग को आपूर्ति बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ क्षेत्रों में देर रात बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी, जबकि शहर के कई हिस्सों में रात 11 बजे तक भी बिजली नहीं लौटी थी।
बिजली गुल होने से लोगों को उमस और गर्मी के बीच परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों की मरम्मत में जुटी रहीं। विभाग द्वारा जल्द से जल्द सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

चपले में हनुमंत कथा के विशाल पंडाल पर टूटा आंधी-तूफान का कहर, मची अफरा-तफरी
रायगढ़ जिले के खरसिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां चपले (राबर्टसन) गांव में चल रही संगीतमय श्री हनुमंत कथा के दौरान कुदरत का भीषण रूप देखने को मिला। शनिवार को अचानक आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे कथा स्थल पर भारी तबाही मचा दी। हवाओं का रुख इतना खतरनाक था कि श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बनाया गया विशालकाय पंडाल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इस अचानक आई आफत के बाद आयोजन स्थल पर कुछ देर के लिए चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दरअसल, चपले गांव में बीते 28 मई से भव्य हनुमंत कथा की शुरुआत हुई थी, जो आगामी 3 जून तक चलने वाली है। हर दिन की तरह शनिवार को भी आस-पास के कई गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था, लेकिन इसी बीच दोपहर बाद अचानक मौसम ने पलटी मारी। देखते ही देखते आसमान में काले घने बादल छा गए और धूल भरी तेज आंधी चलने लगी। तूफान की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि पंडाल के लोहे के पाइप और तिरपाल उसे बर्दाश्त नहीं कर पाए। महज कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा का पूरा पंडाल जमीन पर आ गिरा।
श्रद्धालुओं ने भागकर बचाई जान, बड़ा हादसा टला
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जब हवाएं बेकाबू हुईं और बिजली कड़कने लगी, तो पंडाल के नीचे बैठे लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि पंडाल के पूरी तरह गिरने से पहले ही ज्यादातर लोग समझदारी दिखाते हुए खुले मैदान और पास के पक्के मकानों की तरफ भाग निकले। इसी वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। आंधी थमने के बाद आयोजन समिति के सदस्य, गांव के युवा और स्वयंसेवक तुरंत राहत काम में जुट गए। राहत की बात यह है कि इस पूरी तबाही में किसी भी श्रद्धालु को गंभीर चोट नहीं आई है और न ही किसी तरह की जनहानि की खबर है।
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