सनातन संतों के अपमान में डूबी कांग्रेस का असली चेहरा फिर आया सामने-अशोक अग्रवाल

रायगढ़ May 28, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
सनातन संतों के अपमान में डूबी कांग्रेस का असली चेहरा फिर आया सामने-अशोक अग्रवाल

सनातन संतों के अपमान में डूबी कांग्रेस का असली चेहरा फिर आया सामने-अशोक अग्रवाल

 

रायगढ़:- छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत द्वारा जगद्गुरु स्वामी रामभद्रचार्य जैसे पूज्य संत को भाजपा का प्रचारक कहना करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात है।जिला भाजपा के सह-प्रवक्ता एवम पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक अग्रवाल ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता और संत समाज के प्रति उसके असम्मान को उजागर करता है।
अग्रवाल ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी केवल एक संत नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति,
वेद-पुराण,रामायण और सनातन ज्ञान परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं।जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म,संस्कृति और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया, ऐसे पूज्य संत पर इस प्रकार की टिप्पणी करना कांग्रेस के संस्कारों को दर्शाता है।कांग्रेस के नेताओं को साधु-संतों और हिंदू आस्था का अपमान करना राजनीतिक फैशन बन चुका है।
अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि संत समाज किसी राजनीतिक दल का एजेंट नहीं होता,बल्कि राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली आध्यात्मिक शक्ति होता है। लेकिन वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी कांग्रेस को सनातन संस्कृति और हिंदू परंपराएं हमेशा खटकती रही हैं।यही कारण है कि कभी सनातन को बीमारी कहा जाता है,कभी रामचरितमानस का अपमान किया जाता है और अब जगद्गुरुओं पर अमर्यादित टिप्पणी की जा रही है।
अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस यह भूल रही है कि सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं,बल्कि भारत की आत्मा और करोड़ों लोगों की जीवनशैली है।जब-जब किसी ने सनातन संस्कृति और संत समाज का अपमान किया है,देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उसका जवाब दिया है।
अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार सनातन समाज ने एकजुट होकर सनातन विरोधी विचारधारा वाली पार्टियों को करारा जवाब दिया,उसे कांग्रेस को कभी नहीं भूलना चाहिए।देश की जनता अब अपनी आस्था,संस्कृति और संतों के अपमान पर मौन रहने वाली नहीं है।जो दल सनातन विरोध की राजनीति करेंगे,जनता उन्हें लोकतंत्र के माध्यम से सत्ता से बाहर करने का कार्य करेगी।आज पूरे देश में सनातन चेतना का अभूतपूर्व जागरण हो रहा है और कांग्रेस जैसी पार्टियों की तुष्टिकरण एवं विभाजनकारी राजनीति लगातार बेनकाब हो रही है।
अग्रवाल ने कहा कि चरण दास महंत का बयान केवल एक संत के खिलाफ नहीं,बल्कि पूरे संत समाज और करोड़ों सनातन अनुयायियों का अपमान है। भारतीय जनता पार्टी सदैव संत समाज,भारतीय संस्कृति और राष्ट्र गौरव के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी।
अंत मे अशोक अग्रवाल ने कहा कि चरणदास महंत छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है,लेकिन संत समाज का सार्वजनिक अपमान कर उन्होंने खुद अपने लिए आने समय मे गड्डा खोद लिया है।निश्चित ही आगामी चुनाव में उन्हें छत्तीसगढ़ में खुद की सीट से भी हार का स्वाद चखने का मौका मिलेगा।भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व से चरण दास महंत के बयान पर देश की जनता और संत समाज से तत्काल माफी मांगने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

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