Raigarh: सुशासन तिहार बना दिव्यांगजनों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी’, सहायक उपकरण मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास, अब सम्मान और सुविधा के साथ जी सकेंगे जीवन

रायगढ़ May 11, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh: सुशासन तिहार बना दिव्यांगजनों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी’, सहायक उपकरण मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास, अब सम्मान और सुविधा के साथ जी सकेंगे जीवन

Raigarh: सुशासन तिहार बना दिव्यांगजनों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी’, सहायक उपकरण मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास, अब सम्मान और सुविधा के साथ जी सकेंगे जीवन

 

रायगढ़, 11 मई 2026/ शासन की योजनाएं तब सार्थक मानी जाती हैं, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार इसी जनकल्याणकारी सोच को साकार कर रहा है। यह अभियान केवल समस्याओं के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में विश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा भरने का माध्यम भी बन रहा है। विकासखंड घरघोड़ा के ग्राम पंचायत घरघोड़ी में आयोजित सुशासन शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना, जहां दिव्यांग हितग्राहियों एवं वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें मौके पर ही सहायक उपकरण प्रदान किए गए।

ग्राम घरघोड़ा निवासी संतोषी ठाकुर लंबे समय से शारीरिक असुविधा के कारण दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। सामान्य आवागमन भी उनके लिए चुनौती बन चुका था। सुशासन शिविर में आवेदन प्रस्तुत करने के बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार बेलडीपा घरघोड़ा निवासी फूल सिंह राठिया एवं मंथीर दास को सेटेबल वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। हितग्राहियों ने भावुक होकर कहा कि शासन की यह पहल उनके लिए केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने की नई शक्ति है।

इस अवसर पर अरुणधर दीवान, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी घरघोड़ा, तहसीलदार घरघोड़ा तथा जनपद पंचायत घरघोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने समाज कल्याण विभाग की संवेदनशील और त्वरित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने वाला प्रभावी जनअभियान बन चुका है। अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को योजनाओं का लाभ पाने के लिए अनावश्यक प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से शिविरों में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है।
स.क्र./67/चंद्राकर फोटो…6, 7

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