
नारी सम्मान पर सियासी संग्राम, रायगढ़ में कांग्रेस का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
महिला आरक्षण, बयानबाज़ी और सुरक्षा मुद्दों पर घेरा; “मंशा साफ हो तो तुरंत लागू करें आरक्षण”
रायगढ़, 20 अप्रैल।
महिला आरक्षण और नारी सम्मान के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सोमवार को रायगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान महिला सम्मान, आरक्षण और हालिया राजनीतिक बयानबाज़ी को लेकर तीखे सवाल उठाए गए।
पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी और शहर अध्यक्ष शाखा यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और कथित बयानों पर आक्रोश जताया। नगेन्द्र नेगी ने कहा कि देश की महिलाएं अब समझ चुकी हैं कि कौन उनके सम्मान की बात करता है और कौन उसे ठेस पहुंचाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर “नारी शक्ति” की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक मंचों से महिलाओं के लिए आपत्तिजनक और स्तरहीन टिप्पणियां की जाती हैं, जो महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं।
शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने भी केंद्र सरकार पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन पर पहले से महिला उत्पीड़न के आरोप लगे हैं, वे आज महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं। उन्होंने कुछ चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों और व्यवहार में स्पष्ट विरोधाभास नजर आता है।
कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि नीयत साफ है तो लोकसभा की 543 सीटों पर तत्काल आरक्षण लागू किया जाए। जिला कांग्रेस प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने कहा कि सरकार देरी और शर्तों के पीछे छिप रही है, जिससे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषणों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बार-बार विपक्ष का जिक्र करना सरकार की घबराहट को दर्शाता है।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने में अपनी भूमिका को भी रेखांकित किया। साथ ही आरोप लगाया कि वर्तमान में कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों में महिलाओं की भागीदारी अब भी सीमित है।
कांग्रेस ने महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश की बेटियां न्याय के लिए संघर्ष कर रही थीं, तब सरकार की चुप्पी चिंता का विषय रही।
अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल महिला आरक्षण की नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सम्मान की है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग की और चेतावनी दी कि महिलाओं के नाम पर राजनीति अब सफल नहीं होगी।
इस अवसर पर पूर्व शहर अध्यक्ष अनिल शुक्ला, वरिष्ठ नेता दीपक पांडेय, प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल, प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना, पूर्व महामंत्री विकास शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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