UP में बड़ा आतंकी खेल बेनकाब, टेलीग्राम के गुप्त ग्रुप्स से रची जा रही थी खौफनाक साजिश
Uttar Pradesh ATS की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा—देशभर में नेटवर्क फैलाकर दहशत मचाने की थी तैयारी

लखनऊ:
उत्तर प्रदेश में एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। Uttar Pradesh ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में ऐसे खुलासे हुए हैं, जो देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माने जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क का मुख्य सदस्य खुद अपने स्तर पर एक बड़ा आतंकी तंत्र तैयार कर रहा था और इसके लिए उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Telegram का सहारा लिया।
टेलीग्राम पर बनाए दर्जनों गुप्त ग्रुप
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने Telegram पर एक दर्जन से अधिक ग्रुप बनाए थे, जिनमें उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों को भी जोड़ा गया था।
ATS को आरोपियों के मोबाइल फोन से इस पूरे नेटवर्क का सुराग मिला, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई है।
दुबई से जुड़ते थे तार, पाकिस्तान से मिल रहे थे निर्देश
सूत्रों के अनुसार, दुबई में बैठे आकिब नाम के शख्स ने इन आरोपियों का संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से कराया था।
ये गिरोह उत्तर प्रदेश के कई शहरों के अलावा दिल्ली, हरियाणा और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था।
चारबाग में बड़ी वारदात से पहले धर दबोचे गए
Uttar Pradesh ATS ने इन चारों संदिग्धों को लखनऊ के चारबाग इलाके से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि ये यहां किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही ATS ने इन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में दो मेरठ और दो नोएडा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
‘गजवा ए हिन्द’ के नाम पर साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविड है, जिसने अपने गांव के अरबाब को भी इस नेटवर्क में शामिल किया।
ये सभी आरोपी पाकिस्तान के हैंडलर्स और कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में थे और देश में ‘गजवा ए हिन्द’ जैसी खतरनाक सोच के तहत बड़ी साजिश रच रहे थे।
गैस ट्रकों में आग लगाकर दहशत फैलाने की योजना
सूत्रों का दावा है कि ये आतंकी देश के अलग-अलग हिस्सों में गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों को निशाना बनाकर आगजनी की घटनाएं करना चाहते थे, ताकि बड़े स्तर पर दहशत फैलाई जा सके।
इतना ही नहीं, ये छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं के वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजते थे और वहां से QR कोड के जरिए पैसे मंगाते थे।
पूछताछ में और खुलासों की आशंका
फिलहाल Uttar Pradesh ATS इन आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े राज सामने आ सकते हैं।
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