मोहला-मानपुर में बाघ का आतंक : मवेशियों पर किया हमला, जान बचाने के लिए पेड़ पर चढ़े दो ग्रामीण

मोहला। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले में एक बार फिर बाघ का खौफ ग्रामीणों के सिर चढ़कर बोल रहा है। बीते एक महीने से इलाके में सक्रिय बाघ लगातार मवेशियों और ग्रामीणों पर हमला कर दहशत फैला रहा है। 12 फरवरी से अब तक एक ग्रामीण समेत दो मवेशियों को अपना शिकार बना चुके इस बाघ की मौजूदगी अब औंधी तहसील के बागडोंगरी क्षेत्र में दर्ज की गई है। जहां दिन-दहाड़े हमले और रात में बस्ती तक पहुंच जाने की घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र अंतर्गत औंधी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बागडोंगरी में 6 मार्च को बाघ ने एक बैल पर हमला कर दिया। यह बैल गांव के आसपास चर रहा था, तभी बाघ ने उस पर झपट्टा मारा। किसी तरह बैल बाघ के चंगुल से छूटकर अपने मालिक के घर पहुंचा, तब उसके शरीर पर बाघ के पंजों के गहरे निशान और गर्दन में दांतों के घाव देखे गए।
दो ग्रामीणों को बाघ ने दौड़ाया
इतना ही नहीं, 6 और 7 मार्च की दरमियानी रात बाघ ने बागडोंगरी ग्राम पंचायत के आश्रित मोहल्ले मरकाटोला में भी आतंक मचा दिया। खेत में भुट्टे की फसल की रखवाली कर रहे दो ग्रामीणों को बाघ ने अचानक दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए दोनों ग्रामीण पास के एक पेड़ पर चढ़ गए। काफी देर तक बाघ उसी पेड़ के आसपास मंडराता रहा और हमले की फिराक में घूमता रहा।
हलचल और टॉर्च की तेज रोशनी देखकर बाघ भागा
इस बीच गांव में घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण टॉर्च लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की हलचल और टॉर्च की तेज रोशनी देखकर बाघ वहां से जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद पेड़ पर चढ़े दोनों ग्रामीण सुरक्षित नीचे उतर सके। लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर बाघ को पकड़ने की मांग की है।
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