रायगढ़ में भारत बंद का आंशिक असर, खदानें और कोयला परिवहन ठप

रायगढ़, 12 फरवरी 2026। ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा आहूत देशव्यापी भारत बंद का रायगढ़ जिले में आंशिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। जिले में जनजीवन सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में बंद का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
बाजार और शिक्षण संस्थान
शहर के अधिकांश बाजार, दुकानें और निजी प्रतिष्ठान खुले हैं। स्कूल भी सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना है। हालांकि बंद के आह्वान के कारण कुछ इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रही हैं।
खदानें और परिवहन प्रभावित
रायगढ़ जिले की SECL की प्रमुख कोयला खदानें—छाल, जामपाली, बरौद और बेजारी—बंद रखी गई हैं। इसके चलते कोयला उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना है।
बैंकिंग सेवाएं
बैंकिंग यूनियनों के हड़ताल में शामिल होने से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। हालांकि एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहने की उम्मीद है, जिससे आम उपभोक्ताओं को आंशिक राहत मिल सकती है।
यूनियनों की हड़ताल के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
नए लेबर कोड का विरोध: 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (जैसे INTUC, AITUC, CITU) का गठबंधन उन चार नए लेबर कोड का विरोध कर रहा है जिन्होंने पिछले साल 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह ली थी। यूनियनों का आरोप है कि ये कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और कंपनियों के लिए कर्मचारियों को नौकरी से निकालना आसान बनाते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (India-US Trade Deal): किसान संगठनों (जैसे संयुक्त किसान मोर्चा) ने इस अंतरिम व्यापार सौदे के खिलाफ बंद का आह्वान किया है। उनका मानना है कि अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने से भारतीय किसानों की आजीविका को खतरा होगा।
निजीकरण और आर्थिक नीतियां: हड़ताल सरकारी संपत्तियों के निजीकरण, बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, और बीज विधेयक 2025 जैसी नीतियों के खिलाफ है।
अन्य प्रमुख मांगें: प्रदर्शनकारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, मनरेगा (MGNREGA) के तहत बेहतर सुरक्षा, और रुकी हुई मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल का प्रभाव:
बैंकिंग सेवाएं: SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और UCO बैंक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
परिवहन और बाजार: कई राज्यों में सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय बाजारों में रुकावट देखी जा रही है।
शिक्षा: कुछ क्षेत्रों में स्थिति को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं, हालांकि यह स्थानीय प्रशासन के फैसलों पर निर्भर है।
अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाएं इस बंद से मुक्त रखी गई हैं।
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