बलरामपुर में फर्जी बिल से 30 लाख से अधिक का गबन, तत्कालीन जनपद सीईओ गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ February 10, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
बलरामपुर में फर्जी बिल से 30 लाख से अधिक का गबन, तत्कालीन जनपद सीईओ गिरफ्तार

बलरामपुर में फर्जी बिल से 30 लाख से अधिक का गबन, तत्कालीन जनपद सीईओ गिरफ्तार

  बलरामपुर/ वाड्रफनगर। बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत वाड्रफनगर में वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान मुरुम मिट्टी, सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए शासकीय राशि के गबन के बहुचर्चित मामले में पुलिस को सफलता मिली है।

कई वर्षों से फरार चल रहे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके श्रवण कुमार मरकाम उर्फ एसके मरकाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

 

जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत वाड्रफनगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत तुंगवा, गुडरू, जमई और पेण्डारी में मुरुम मिट्टी, सड़क, पुलिया, तटबंध एवं डब्ल्यूबीएम निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल प्रस्तुत कर वित्तीय वर्ष 2014-15 में करीब 30 लाख दो हजार 449 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया गया था। मामले में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भुगतान निकालने का आरोप है।

 

इस संबंध में वर्ष 2020 में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट एवं दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच के दौरान आरोपित कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) अश्विनी कुमार तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। इसके अलावा सप्लायर हरिहर यादव, कुजलाल साहू और रोजगार सहायक निरीश यादव को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

पुलिस की जांच के दौरान आरोपित अश्विनी कुमार तिवारी के कथन में सामने आया कि तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसके मरकाम सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर शासकीय राशि का गबन किया गया था। इसके बाद से पुलिस द्वारा उनकी लगातार तलाश की जा रही थी।

काफी समय से फरार चल रहे आरोपित श्रवण कुमार मरकाम उर्फ एसके मरकाम (62) निवासी शिवमंदिर महुआपारा वार्ड क्रमांक चार थाना गांधीनगर अंबिकापुर, को आखिरकार पुलिस ने हिरासत में लेकर वाड्रफनगर लाया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपित ने अपने खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर के मार्गदर्शन में मामले के अन्य कर्मचारियों एवं सप्लायरों के बयान धारा 164 के तहत न्यायालय में दर्ज कराए गए हैं। प्रकरण में पूरक चालान भी न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपितों की लगातार पतासाजी की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस प्रकरण में एक तत्कालीन जनपद सीईओ (मूल पद डिप्टी कलेक्टर) का नाम भी सामने आया है लेकिन अभी तक पुलिस ने उनके नाम को सार्वजनिक नहीं किया है।

खबर शेयर करें: