शरद पवार का ‘पावर डिनर’: गौतम अदाणी, राहुल गांधी-प्रियंका समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल, भतीजे अजित पवार की मौजूदगी ने बढ़ाई सियासी हलचल

Sharad Pawar 85th Birthday: एनसीपी शरद पवार गुट (NCP-SP) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने अपने 85th Birthday से दो दिन पहले 10 दिसंबर को दिल्ली स्थित अपने आवास 6 जनपथ पर डिनर पार्टी का आयोजन किया. यह आयोजन सियासी गलियारों में एक महत्वपूर्ण शक्ति-प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि शरद पवार के इस पावर डिनर में राजनीतिक जगत, उद्योग जगत और संसद के कई बड़े नाम एक ही छत के नीचे दिखाई दिए. इस डिनर आयोजन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए. सबसे ज्यादा ध्यान इस आयोजन में उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास महत्व दिया. वहीं, पवार के भतीजे और महाराष्ट्र की राजनीति में अलग राह पकड़ चुके अजित पवार की मौजूदगी ने सियासी हलचल बढ़ाई.
कार्यक्रम की एक बड़ी खासियत रही कि देश के चर्चित उद्योगपति गौतम अदाणी भी इस रात्रिभोज में शामिल हुए. हाल के वर्षों में अदाणी और पवार की मुलाकातें कई बार चर्चा का विषय बनी हैं, ऐसे में इस आयोजन में उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक-व्यापारिक रिश्तों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी प्रदेश में सरकार बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब किसी बड़े राजनीतिक आयोजन में दिखे.
पवार की पार्टी में सत्ता पक्ष से भी कई नेता हुए शामिल
सत्ता पक्ष से भी कार्यक्रम में अहम उपस्थिति दर्ज हुई. बीजेपी नेता डी. पुरंदेश्वरी, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तथा तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत राय सहित संसद के कई अन्य सदस्य इस आयोजन में शामिल हुए. सभी नेताओं का एक साथ बैठकर अनौपचारिक बातचीत करना, मौजूदा राजनीतिक माहौल में एक दुर्लभ दृश्य जैसा था.
12 दिसंबर को 85वां जन्मदिन मनाएंगे पवार
बता दें कि शरद पवार महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षामंत्री और पूर्व कृषि मंत्री रह चुके हैं. वो 12 दिसंबर को अपना 85वां जन्मदिन मनाएंगे. राजनीति में 60 साल से अधिक की सक्रिय भूमिका निभाने वाले पवार के सम्मान में यह रात्रिभोज न केवल शुभकामनाओं का अवसर था, बल्कि यह संदेश भी कि पवार अभी भी भारतीय राजनीति में एक अहम केंद्र बिंदु बने हुए हैं.
इस आयोजन के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या यह रात्रिभोज आने वाले महीनों में किसी नए राजनीतिक मेल-मिलाप या समीकरण का आधार बन सकता है. फिलहाल इतना तय है कि पवार का यह रात्रिभोज राजधानी दिल्ली के सियासी माहौल में नई हलचल जरूर लेकर आया है.
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