
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूची अपडेट करने के लिए चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। आयोग ने मंगलवार दोपहर 3 बजे तक का बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 4 नवंबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया 11 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें बीएलओ और राजनीतिक दलों के बीएलए घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र कर डिजिटल रूप से दर्ज कर रहे हैं।
50 करोड़ से अधिक मतदाताओं के फॉर्म में हुआ डिजिटाइजेशन
चुनाव आयोग ने बताया कि शामिल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की मतदाता सूची में कुल 50.99 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज हैं। इनमें से 99.97% एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण और 99.18% फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इसे निर्वाचन प्रक्रिया की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कई राज्यों में 100% फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन
लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों ने 100% फॉर्म वितरण कर दिया है। डिजिटाइजेशन के स्तर पर भी कई राज्यों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है—
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लक्षद्वीप: 100% डिजिटाइजेशन
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मध्य प्रदेश: 100%
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छत्तीसगढ़: 99.96%
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गुजरात: 99.94%
बड़े राज्यों ने भी दिखाई तेजी
वोटर संख्या अधिक होने के बावजूद बड़े राज्यों ने भी तेज प्रगति दर्ज की है—
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उत्तर प्रदेश: 99.97% वितरण, 98.14% डिजिटाइजेशन
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तमिलनाडु: 99.95% वितरण, 99.55% डिजिटाइजेशन
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पश्चिम बंगाल: 99.99% वितरण, 99.75% डिजिटाइजेशन
बीएलओ और बीएलए की बड़ी भूमिका
एसआईआर प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए आयोग ने बड़े पैमाने पर कर्मचारी तैनात किए हैं—
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5,33,096 बीएलओ तैनात
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12,43,716 बीएलए नियुक्त
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50,95,77,592 फॉर्म वितरित
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50,58,01,033 फॉर्म डिजिटाइज्ड
11 दिसंबर को पूरा होगा दूसरा चरण
एसआईआर का दूसरा चरण 11 दिसंबर को समाप्त होगा। इसके बाद चुनाव आयोग डेटा सत्यापन और अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। आयोग का कहना है कि यह तेज और व्यापक अभियान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





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