Jashpur News: जशपुर सूटकेस हत्याकांड का खुलासा; हत्यारिन पत्नी महाराष्ट्र से गिरफ्तार, हत्या की वजह बनी चरित्र शंका, पति और पत्नी दोनों, एक दूसरे के चरित्र को लेकर कर रहे थे विवाद

जशपुर। जशपुर के दुलदुला थाना क्षेत्र के चर्चित सूटकेस हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है। पति की हत्या कर शव को सूटकेस में बंद कर फरार हुई हत्यारिन पत्नी मंगरीता भगत को पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद हत्या के चरित्र विवाद और अवैध संबंध जैसे चौंकाने वाले कारण सामने आए हैं।
9 नवंबर 2025 को भिंजपुर गांव में मृतक संतोष भगत की लाश उसके घर में सूटकेस के अंदर मिली थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपिया को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया, जिसने टेक्निकल टीम की मदद से आरोपिया को ट्रेस किया।
पुलिस को पता चला कि मंगरीता भगत ट्रेन से मुंबई, महाराष्ट्र की ओर जा रही है। जशपुर पुलिस ने तत्काल महाराष्ट्र के लिए रवाना होकर, जीआरपी, एसपी श्वेता सिन्हा और आरपीएफ पुलिस के विशेष सहयोग से आरोपिया को मनमाड़ जंक्शन, नासिक से धर दबोचा।
पूछताछ पर आरोपिया मंगरीता भगत ने बताया कि वह पूर्व में मुंबई में काम कर रही थी, तथा उसका पति मृतक संतोष भगत , भिंजपुर में ही रहता था, वह माह अगस्त 2025 में ही मुंबई से अपने गांव भिंजपुर में अपने पति मृतक संतोष भगत के पास आई थी,। चूंकि आरोपिया का प्रेम संबंध, काफी समय से गांव के ही रिश्तेदारी में देवर विनोद के साथ था, जो भी वर्तमान में मुंबई में काम कर रहा है। उसी बात को लेकर मृतक संतोष भगत व आरोपिया के मध्य , पूर्व से ही वाद विवाद होता रहता था, तथा मृतक संतोष भगत , मारपीट करता रहता था। घटना दिनांक 07.11.25 की दोपहर को वह बाजार गई थी, शाम करीबन 06.00बजे वह बाजार से वापस घर आई, तब मृतक संतोष भगत, शराब के नशे में, घर में ही सोया हुआ था। रात्रि करीबन 08.00 बजे आरोपिया मंगरीता भगत, अपने लिए खाना निकालकर खाने लगी, उसने मृतक संतोष भगत को खाना निकालकर नहीं दिया, जिससे मृतक संतोष भगत, नाराज हो गया व खाना निकालकर नहीं देने व आरोपिया मंगरीता भगत के साथ विनोद के संबंध को लेकर, उससे मारपीट व वादविवाद करने लगा, जिससे आरोपिया घर से बाहर निकली, व अपनी मझली बेटी जो कि कोरबा में रहती है उसे फोन कर विवाद की जानकारी दे ही रही थी,कि मृतक संतोष भगत, घर के दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया, व आरोपिया मंगरीता भगत के बार बार दरवाजा खोलने के लिए बोलने पर भी दरवाजा नहीं खोल रहा था, जिससे नाराज होकर, आरोपिया मंगरीता भगत, घर के बाहर रखे, लोहे की गैंती से दरवाजे के किवाड़ को तोड़ दिया , जिससे दरवाजा मृतक संतोष भगत के ऊपर गिर गया, फिर आरोपिया घर के अंदर घुसी व घर में रखे शील पट्टा को ऊपर उठा कर, नीचे गिरे, मृतक संतोष भगत के सिर पर एक बार हमला कर दिया, जिससे मृतक संतोष भगत के सिर से खून निकलने लगा, उस वक्त मृतक संतोष भगत , मूर्छित अवस्था में था, फिर कुछ देर के पश्चात, आरोपिया ने सोचा कि यदि मृतक संतोष भगत को होश आ गया तो, वह उसे नहीं छोड़ेगा, अतः पुनः आरोपिया मंगरीता भगत के द्वारा उसी शील पट्टा से दूसरी बार, मृतक संतोष भगत के सिर में हमला किया गया, जिससे मौके पर ही संतोष भगत की मृत्यु हो गई। फिर आरोपिया मंगरीता भगत के द्वारा टूटे दरवाजे को उठाया गया, फिर वह मृतक संतोष भगत को , वहीं नीचे जमीन में छोड़कर, सोने चली गई, फिर रात्रि करीबन 02.00बजे वह उठी, और मृतक संतोष भगत को घर में रखे ट्रॉली सूटकेस में भर दिया, फिर घर में बिखरे खून को साफ कर दिया । आरोपिया के द्वारा, लाश भरी सूटकेश को उठाकर, ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया था परंतु अत्यधिक वजन होने के कारण, वह ऐसा नहीं कर पाई, फिर दूसरे दिन, उसने गांव के ही एक बढ़ाई को बुलाया व घर के किवाड़ को सुधरवाया , बढ़ाई व मृतक के माता पिता के द्वारा मृतक संतोष भगत के बारे में पूछने पर, उन्हें झूठ बोल दिया कि वह सुबह सुबह रांची चला गया है। फिर उसी दिन दोपहर बाद, लगभग.03.00 बजे वह लाश भरी सूटकेश को घर के अंदर छोड़कर, घर को बाहर से लॉक कर, फरार होने के इरादे से बस से रायगढ़ चली गई, व वहीं से कोरबा में रह रही अपनी मझली बेटी को हत्या के संबंध में फोन कर बताया,। आरोपिया मंगरीता भगत, रायगढ़ से ट्रेन के द्वारा मुंबई जाने हेतु निकली थी । इसी दौरान जशपुर पुलिस की टीम के द्वारा, मनमाड़ जक्शन, जिला नासिक,(महाराष्ट्र) से आरोपिया मंगरीता भगत को आरपीएफ पुलिस के सहयोग से हिरासत में ले लिया गया व वापस लाया गया।
आरोपिया को पकड़ने में जी.आर.पी की एसपी श्वेता सिन्हा, डीएसपी अख्तर व आरपीएफ पुलिस का विशेष सहयोग रहा है।
पुलिस के द्वारा आरोपिया मंगरीता भगत के निशान देही पर, हत्या में प्रयुक्त शील पट्टा को भी जप्त कर लिया गया है। पूछताछ पर आरोपिया मंगरीता भगत के द्वारा अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।
मामले की कार्यवाही व आरोपिया की गिरफ्तारी में निरीक्षक संत लाल आयाम, निरीक्षक कृष्ण कांत साहू, थाना प्रभारी दुलदुला, महिला प्रधान आरक्षक चम्पा पैंकरा, आरक्षक पंकज कुजूर, एलेक्शियूस तिग्गा, सालदान टोप्पो व सायबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पति की हत्या करने वाली आरोपिया पत्नी को पुलिस ने जीआरपी रायपुर व आरपीएफ की टीम की मदद से गिरफ्तार कर लिया है, अपराध स्वीकार करने के पश्चात उसे जेल भेजा जा रहा है
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