रायगढ़। बिलासपुर में भारत सरकार द्वारा आयोजित अस्मिता (खेलो इंडिया) जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए परी ऋषिता सिंह राजपूत ने अपने 4 प्रतिद्वन्दियों को परास्त कर गोल्डमेडल जीत जिले का मान बढ़ाया। वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आरती सिंह ने बताया कि ऋषिता के गुरू उसके भैया ऋषि सिंह है। जो खुद भी एक मंजे हुए खिलाड़ी हैं। अपने खेल का लोहा मनवा चुके हैं व इंटरनेशनल और एशियन मेडलिस्ट सहित अनगिनत सम्मान से सम्मानित है। ऋषि बहुत ही कम उम्र में बहुत उपलब्धि और सम्मान हासिल कर चुका है। सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब पर अभी भी ऋषि का ही अधिकार है किसी ने उस के रेकॉर्ड नहीं तोड़ा। वहीं वर्ल्ड रैंकिंग में ऋषि का अभी तक 26वं नम्बर का खिलाड़ी है।





ऐसे भारत का लाल खिलाड़ी ऋषि सिंह के स्टूडेंट है ऋषिता सिंह राजपूत । ऋषि सफल खिलाड़ी तो है साथ ही एक सफल कोच के रूप में भी खुद प्रूफ किया है। ऐसे है ऋषिता सिंह राजपूत के कोच ऋषि। वहीं उन्होंने बताया कि रायगढ़ जिला से 10 से 11 बालिकाओं को चयन कर के बिलासपुर जिला लेकर गये थे ये खिलाड़ी रायगढ़ की बेटियां अपने कोच ऋषि सिंह के साथ सारे बच्चियों ने अपने कोच का मान रखते हुए शानदार खेला और गोल्ड मेडल जीता और खुद को प्रूफ कर दिया कि सर ऋषि सिंह के वीनर्स ताइक्वांडो एकेडमी की खिलाड़ियां हैं। अपने जिले कि अपनी माता पिता का और अपने कोच का नाम रोशन कर के कल बिलासपुर से रायगढ लौट रहीं है। ये छतीसगढ़ महतारी की जांबाज बेटियों का सम्मान बहुत ही जोर शोर से एकेडमी में होगा।
