Raigarh News: घर के नीचे कोबरा के मिले 27 अंडे, 10 बेबी कोबरा का रेस्क्यू, जंगल में सर्परक्षक समिति ने सुरक्षित छोड़ा
Raigarh News: घर के नीचे कोबरा के मिले 27 अंडे, 10 बेबी कोबरा का रेस्क्यू, जंगल में सर्परक्षक समिति ने सुरक्षित छोड़ा
रायगढ़। रायगढ़ जिला से लगे ओड़िशा के गांव में सर्परक्षक समिति के सदस्यों को भारतीय नाग यानि कोबरा के 27 अंडे मिले। रेस्क्यू के लिए लिए इन्हें बुलाया गया था। तब कुछ बेबी कोबरा तो अंडे से निकल कर जा चुके थे, लेकिन 10 कोबरा के बच्चों का रेस्क्यू कर इन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया है।
बारिश के शुरू होते ही अब सांप निकलने लगे हैं। ऐसे मंे जिले के हमीरपुर से मात्र 8-9 किमी दूर ओड़िशा के कांदादोड़ा गांव में लगातार पिछले 3 दिनों से सांप के छोटे-छोटे बच्चे देखे जा रहे थे। जिसके बाद सोमवार की सुबह सर्परक्षक एनिमल रेस्क्यू टीम को कॉल कर इसकी जानकारी दी गई।
ऐसे में सर्परक्षक एनिमल रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष विनितेश तिवारी, रवि मिरी, सुमित बेहरा और विक्की चैहान मौके के लिए रवाना हुए। जहां पता चला कि वहां रहने वाले जगतरात भोय के घर से सांप निकल रहा है। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने अपना काम शुरू कर दिया।
तब देखा गया कि उनके घर के नींव के पास भारतीय नाग ने अंडे दिए हैं। जिसमें से कुछ अंडे फूट चुके थे और बेबी कोबरा वहां से जा चुके थे, लेकिन 10 बेबी कोबरा का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित निकाला गया।
इस दौरान एक साथ इतने बेबी कोबरा को देख लोग हैरान रह गए। इसके बाद उन्हें एक डिब्बे में भरकर वहां से दूर जंगल में उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया।
बेबी कोबरा हाल ही में अंडे से निकले थे, जिन्हें पकड़ा गया
घर के बैडरूम में घुसा 5 फीट लंबा नाग यही नहीं सोमवार की शाम को सर्परक्षक एनिमल रेस्क्यू टीम को रेस्क्यू कॉल आया। जिसमें अतरमुड़ा टीवी टावर रोड स्थित उमेश कुमार चौधरी के घर के बैडरूम में भारतीय नाग घुस गया था। जिसके बाद टीम के सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचे और करीब 5 फीट लंबे भारतीय नाग का रेस्क्यू कर इन्हें छोड़ा गया।
घर के बैडरूम में 5 फीट का भारतीय नाग घुस गया था
रोजाना 40-50 रेस्क्यू कॉल सर्परक्षक एनिमल रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष विनितेश तिवारी ने बताया कि रायगढ़ क्षेत्र में सर्परक्षक समिति के पास रेस्क्यू के लिए रोजाना 40 से 50 कॉल आ रहे हैं। समिति के सदस्य पूरी मेहनत से सांपों को और इंसानों को बचा रहे हैं, और वे प्राथमिकता जहरीले सांपों को दे रहे हैं, ताकि जनधन की हानि ना हो।
जबकि बिना जहर वाले सांपों के रेस्क्यू के लिए वे थोड़ा समय लेते हैं। समिति के द्वारा यह भी समझाया जा रहा है कि किसी अनजान जीव या सांप को देखने के तुरंत बाद लोग उसकी फोटो और 30-40 सेकंड की वीडियो बनाकर उन्हें भेज दें। जिससे उन्हें बचाव के लिए जरूरी उपाय और सावधानियां बताई जा सकें।
बारिश में सावधानियां बरते समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस बारिश के मौसम में कुछ खास सावधानियां बरतनी चाहिए। अपने घरों के आसपास ईंटें, खपरे या लकड़ी का ढेर न रखें और झाड़ियों को साफ रखें।
घर के अंदर के बिलों को बंद करें और चूहों के बिलों से भी सावधान रहें, क्योंकि सांप अक्सर चूहों की गंध का पीछा करते हुए घरों तक पहुंच जाते हैं। घर के आसपास और नाली वाले एरिया में तीखे गंध वाले केमिकल कीटनाशक, ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग करें।
झाड़फूंक के चक्कर में न रहे समिति के अध्यक्ष विनितेश तिवारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को स्नैक बाइट हो जाए, तो सबसे पहले संयम रखना बहुत जरूरी है। सामने वाले जिसे बाइट हुआ है, उसे थकने न दें।
उसे किसी गाड़ी में बैठाकर सीधे सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज लेकर जाएं, क्योंकि वहां पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम होती है। बहुत से लोग जड़ी-बूटी और झाड़-फूंक के चक्कर में अपना कीमती समय खराब कर देते हैं, जिससे उन्हें बचाया नहीं जा पाता।
उन्होंने बताया कि यह याद रखने की जरूरत है कि किसी भी सांप के जहर का असर इंसान के शरीर के वजन और उम्र के हिसाब से भी पड़ता है।
वयस्क इंसान को यदि कमर के नीचे या बांह में कहीं सांप काटे, तो बचने की संभावना ज्यादा होती है, लेकिन गले या पेट में बाइट होने पर बचने की संभावना कम हो जाती है।
इसलिए अगर आप ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां सांपों की संख्या ज्यादा है, तो मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें और रात को उठने से पहले टॉर्च की फ्लैशलाइट या मोबाइल की फ्लैशलाइट जरूर जलाकर देखें।
सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें यदि दुर्भाग्यवश किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो घबराएं नहीं और इन बातों का विशेष ध्यान रखे।
काट-छांट न करें- जिस जगह पर सांप ने काटा है, वहां किसी भी तरह का चीरा (कट) या ब्लेड न लगाएं।
गलत अंधविश्वास से बचें- काटने वाली जगह पर चीरा लगाने या कोई घरेलू नुस्खा आजमाने में समय बर्बाद न करें।
ज्यादा टाइट न बांधें- सांप काटने वाले हिस्से के ऊपर रस्सी या कपड़े को बहुत ज्यादा टाइट (कसकर) न बांधें, इससे खून का दौरा पूरी तरह रुक सकता है और अंग खराब हो सकता है।
तुरंत अस्पताल जाएं- पीड़ित को शांत रखें और बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल (जहां एंटी-वेनम उपलब्ध हो) ले जाएं।