छत्तीसगढ़ के जंगलों में क्यों गूंजने लगी बाघों की दहाड़? विश्व बाघ दिवस पर सरकार ने शुरू की बड़ी मुहिम
छत्तीसगढ़ में विश्व बाघ दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, टाइगर रिजर्व और अभ्यारण्यों में विशेष अभियान

रायपुर।
विश्व बाघ दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों में बाघ संरक्षण को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर आयोजित इन कार्यक्रमों में छात्रों, युवाओं, ग्रामीणों और वन अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदेशभर में शपथ ग्रहण, साइकिल रैली, चित्रकला प्रतियोगिता, वृक्षारोपण और शिकार विरोधी अभियान जैसे कई आयोजन किए गए।
वन मंत्री बोले- बाघ बचेंगे तो जंगल और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विश्व बाघ दिवस का उद्देश्य बाघों के घटते प्राकृतिक आवास और उनकी लगातार कम होती संख्या के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही बाघों के अवैध शिकार और उनके अंगों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से वन एवं वन्यजीव संरक्षण की मुहिम में सक्रिय सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और लोगों की भागीदारी से बाघ संरक्षण को और मजबूत बनाया जा सकता है।
गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व में छात्रों ने ली संरक्षण की शपथ
गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के सोनहत, रामगढ़, कमर्जी, जनकपुर और रिहंद रेंज के स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों, शिक्षकों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बाघ संरक्षण की शपथ ली। इस दौरान चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए टाइगर पेपर मास्क भी वितरित किए गए।
इसके साथ ही टाइगर रिजर्व के संवेदनशील इलाकों में एंटी-स्नेर वॉक (शिकार विरोधी अभियान) चलाया गया और डॉग स्क्वॉड की मदद से सघन गश्त की गई।
उत्तर उदंती में निकली साइकिल रैली, दिखाई गई वन्यजीव संरक्षण फिल्म
उत्तर उदंती परिक्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल बड़गांव में चित्रकला, निबंध और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्रों को वन्यजीव संरक्षण पर आधारित विशेष फिल्म दिखाई गई तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए साइकिल रैली निकाली गई। वन अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को जंगलों और वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी।
नंदनवन जंगल सफारी में पहुंचे 250 NCC कैडेट्स
रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी में लाखोली एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के करीब 250 कैडेट्स ने शैक्षणिक भ्रमण किया। कैडेट्स ने जंगल सफारी का दौरा कर वन्यजीवों को करीब से देखा और बाघ संरक्षण के महत्व को समझा।
बारनवापारा अभ्यारण्य में वृक्षारोपण और वन कर्मियों का सम्मान
बारनवापारा अभ्यारण्य में विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। बाघों और जंगलों की सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन कर्मियों को सम्मानित किया गया। एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES) पेट्रोलिंग ऐप के माध्यम से सर्वाधिक पैदल गश्त करने वाले वन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सरकार ने दोहराया संकल्प
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव-विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय से लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी बाघों के सुरक्षित आवास और वन संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
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विश्व बाघ दिवस 2026 पर छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों में जागरूकता कार्यक्रमों की धूम रही। वन मंत्री केदार कश्यप ने बाघ संरक्षण, जनभागीदारी और पर्यावरण सुरक्षा पर बड़ा संदेश दिया।