Raigarh News: पति की शराबखोरी और मुआवजे की रकम उड़ाने से तंग पत्नी ने की हत्या, आत्महत्या का रूप देने की साजिश नाकाम, पत्नी गिरफ्तार

रायगढ़, 27 जुलाई। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हत्या के बाद शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए मृतक की कलाई ब्लेड से काट दी थी, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में 25 जुलाई को 50 वर्षीय गनपती लाल भगत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतक के दामाद सोनसाय उरांव ने घटना की सूचना थाना पूंजीपथरा में दी थी। शव के गले में साड़ी जैसा कपड़ा बंधा था और बाएं हाथ की कलाई पर कटने के निशान थे। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर गहन विवेचना शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान पुलिस का संदेह मृतक के परिवार पर गया। पूछताछ में मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत (45 वर्ष) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि करीब एक वर्ष पहले पैतृक जमीन के गारे-पेलमा माइंस में अधिग्रहण के बाद उसके पति को लगभग 25 से 30 लाख रुपये मुआवजा मिला था, जिसे वह लगातार शराब में खर्च कर रहा था। शराब के नशे में आए दिन पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था।
पुलिस के मुताबिक, 23 जुलाई को भी गनपती लाल शराब के नशे में घर पहुंचा और परिवार के साथ मारपीट करने लगा। वर्षों की प्रताड़ना और मुआवजे की रकम शराब में उड़ाने से परेशान होकर गंगाबाई ने दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों के साथ मिलकर साड़ी और गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की। इसके लिए मृतक की बाईं कलाई की नस ब्लेड से काट दी गई और शव को इस तरह रखा गया कि मामला आत्महत्या जैसा लगे। हालांकि पुलिस की वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के विश्लेषण ने आरोपियों की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने पत्नी गंगाबाई भगत और दोनों अपचारी बालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उपनिरीक्षक दिलीप कुमार बेहरा एवं पूंजीपथरा पुलिस टीम ने महज 48 घंटे में इस अंधे कत्ल का खुलासा किया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “रायगढ़ पुलिस हर संदिग्ध मृत्यु की वैज्ञानिक और तथ्यपरक तरीके से जांच करती है। अपराधी कानून से बच नहीं सकता। इस मामले में सूक्ष्म विवेचना, साक्ष्यों के विश्लेषण और प्रभावी पूछताछ से हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया गया।”