विष्णु महाराज का निधन
विष्णु महाराज का निधन
गौरी कला समिति के वर्षों से संरक्षक थे
अपने जमाने के धाकड़ छात्र नेता व सामाजिक कार्यकर्ता रहे
मंदिर चौक में शोक की लहर
आज 12 बजे उनके निवास स्थान से निकलेगी अंतिम यात्रा
रायगढ़ टॉप न्यूज 17 दिसंबर । रायगढ़ के प्रख्यात गौरी शंकर मंदिर चौक निवासी विष्णु महाराज (शर्मा) का मंगलवार की रात 9 बजे आकस्मिक निधन हो गया। वे 71 वर्ष के थे। उनके निधन से मंदिर चौक क्षेत्र सहित पूरे शहर में शोक की लहर है। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार 17 दिसंबर 12 बजे उनके निवास स्थान मंदिर चौक से कायाघाट मुक्तिधाम के लिए निकलेगी। वे अमित शर्मा के पिता थे। वे अपने जमाने के धाकड़ छात्र नेता व सामाजिक कार्यकर्ता रहे एवं गौरी कला समिति के वर्षों ले संरक्षक थे।
हृदयघात से हुआ निधन
जानकारी के अनुसार विष्णु महाराज को मंगलवार रात छाती में तेज दर्द की शिकायत हुई। वे अपने पुत्र के साथ चक्रधर नगर स्थित डॉ. प्रकाश मिश्रा के क्लिनिक पर पहुंचे, जहां इलाज शुरू होने से पूर्व ही हृदयघात के कारण उनका निधन हो गया।
सक्रिय सामाजिक-राजनीतिक जीवन
श्री महाराज ने कार्मस कॉलेज से एम. कॉम की शिक्षा प्राप्त की थी और 1977 से ही छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने कई चुनाव लड़ाए और सफलता भी प्राप्त की, एक ‘धाकड़Ó नेता के रूप में उनकी पहचान थी। वे गौरी कला समिति के माध्यम से दशकों तक सरस्वती पूजा एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े रहे। उनके नेतृत्व में लंबे समय तक सरस्वती पूजन के आयोजन में आकेस्टा, सहित कई कला संगीत के कार्यक्रम होते रहे। बाद में उन्होंने मंदिर चौक के युवाओं के साथ दुर्गा पूजा के आयोजन की भी शुरुआत की।
मंदिर चौक की होली के प्रणेता
श्री महाराज मंदिर चौक की ऐतिहासिक होली के प्रमुख आयोजकों में से थे। उनके नेतृत्व में होली से 15 दिन पूर्व ही नगाड़ों की गूंज, फाग गायन और विशाल होलिका दहन की तैयारियां शुरू हो जाती थीं, जिसका पूरे शहर में विशेष आकर्षण रहता था।
नेताओं से थे घनिष्ठ संबंध
विष्णु महाराज पुरानी दुकान शहर के राजनीतिक-सामाजिक जीवन का एक केंद्र थी, जहां पूर्व विधायक विजय अग्रवाल सहित तमाम नेता व सामाजिक कार्यकर्ता आते-जाते रहते थे। प्रतिनिद यहां शहर वासियों का जमावड़ा रहता था। लगभग 4 दशक पूर्व उनके छात्र जीवन के साथी रहे पूर्व विधायक स्व. रोशन लाल अग्रवाल, दीपक पाण्डेय, प्रेम स्वरूप अग्रवाल, जशवीर सिंह टूटेजा, अधिवक्ता नरेशा मिश्रा, सुशील रतेरिया और जुटमिल क्षेत्र के राजकिशोर सिंह व अनिल पाण्डेय के अलावा शहर के चहूं ओर उनके चाहने वालों की कमी नही थी। अकसर वहां पर श्रीकांत सोमावार, गुरूपाल भल्ला, युवराज सिंह आजाद, अनिल रतेरिया, डायंड, राजू गुप्ता से लेकर शहर के अन्य लोग आते जाते वहां बैठते थे। खेलों, विशेषकर कबड्डी व क्रिकेट के प्रति उनका विशेष लगाव था।
आज होगा अंतिम यात्रा
उनके निधन से उनके परिवार, जिसमें पुत्र अमित शर्मा शामिल हैं, तथा शहर के असंख्य मित्रों, प्रशंसकों में गहरा दुख है। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार, 17 दिसंबर को दोपहर 12 बजे उनके मंदिर चौक स्थित निवास से कायाघाट मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी।