बड़ी घोषणा: मखाना बोर्ड में अब छत्तीसगढ़ भी होगा शामिल, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
बड़ी घोषणा: मखाना बोर्ड में अब छत्तीसगढ़ भी होगा शामिल, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
रायपुर। धमतरी जिले में आयोजित समारोह के दौरान केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले मखाने का उत्पादन मुख्य रूप से बिहार में होता था, लेकिन अब मखाना उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका बढ़ती जा रही है। इसलिए, मखाना बोर्ड में छत्तीसगढ़ को औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि राज्य के मखाना उत्पादक किसानों को लाभ मिल सके और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में यह भी घोषणा की कि यदि कोई किसान अपने उत्पाद—जैसे आलू, प्याज, टमाटर—को किसी अन्य राज्य में बेचना चाहता है, तो उसके ट्रांसपोर्टेशन का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। उन्होंने इसे किसानों की आय और बाजार विस्तार के लिए बड़ा कदम बताया।
छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर को ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताते हुए चौहान ने कहा कि—
“डॉ. रमन सिंह और अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल है। इसके लिए मैं जनता और सरकार को बधाई देता हूँ।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है और उनके हितों से कोई समझौता नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए बड़े निर्णयों का भी उल्लेख किया। चौहान ने कहा—
“कौन सोचता था कि अयोध्या की जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर बनेगा? कौन कल्पना कर सकता था कि कश्मीर से धारा 370 हटेगी? लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने असंभव को भी संभव बना दिया।”
केंद्रीय मंत्री के इन बयानों और घोषणाओं ने कार्यक्रम में उत्साह बढ़ा दिया। मखाना बोर्ड में छत्तीसगढ़ की शामिली से राज्य के किसानों को नए अवसर मिलेंगे, वहीं कृषि उत्पादों के ट्रांसपोर्टेशन पर सरकारी सहायता से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।