रायगढ़ के जंगल में गूंजी नन्हे हाथी की किलकारी, मादा हाथी ने दिया शावक को जन्म
रायगढ़ के जंगल में गूंजी नन्हे हाथी की किलकारी, मादा हाथी ने दिया शावक को जन्म
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन परिक्षेत्र के बंगुरसिया सर्किल में पिछले कई दिनों से 18 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। इसी झुंड की एक मादा हाथी ने जंगल में शावक को जन्म दिया है। जन्म के बाद मौके पर मिले जैविक अवशेष (बर्थ वेस्ट) से इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद से वन विभाग ड्रोन की मदद से पूरे दल की लगातार निगरानी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात कक्ष क्रमांक 915 स्थित तालाब के पास जंगल से हाथियों के तेज चिंघाड़ने की आवाजें सुनाई दीं। उस समय वनकर्मी गश्त पर थे। आवाज सुनकर वे मौके तक पहुंचने का प्रयास करने लगे, लेकिन जंगल में हाथियों के फैले होने के कारण सुरक्षा कारणों से पास नहीं जा सके।
बुधवार सुबह करीब 5 बजे हाथियों का दल आगे बढ़ा, जिसके बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे। वहां उन्हें हाथी के शावक के जन्म के बाद निकलने वाली झिल्ली और खून के निशान मिले। इससे उन्होंने शावक के जन्म की पुष्टि की और इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद विभाग ने ड्रोन के जरिए हाथियों के दल की निगरानी शुरू कर दी।
कई दिनों से इसी क्षेत्र में था हाथियों का दल
बंगुरसिया सर्किल प्रभारी प्रेमा तिर्की ने बताया कि हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से इसी जंगल में मौजूद है। संभवतः शावक के जन्म के कारण ही दल ज्यादा दूर नहीं जा रहा था। कई बार हाथियों का झुंड सड़क पर भी आकर काफी देर तक खड़ा रहता था। ऐसे में विभाग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है।
वन विभाग के लिए अच्छी खबर
रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि जंगल में हाथी के शावक का जन्म वन विभाग के लिए अच्छी खबर है। फिलहाल ड्रोन से पूरे दल की निगरानी की जा रही है। शावक के जन्म के बाद अब इस दल में हाथियों की संख्या 18 से बढ़कर 19 हो गई है, जबकि शावकों की संख्या तीन हो गई है। साथ ही प्रभावित गांवों के लोगों को जंगल में अकेले नहीं जाने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।