वायरल बिल ने मचाई हलचल, लेकिन सच्चाई ने सबको चौंका दिया!
वायरल बिल ने मचाई हलचल, लेकिन सच्चाई ने सबको चौंका दिया!
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रायपुर: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उप मुख्यमंत्री-सह-लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के परिवार के निजी कार्यक्रम का बिल अब पूरी तरह फर्जी साबित हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनके किसी भी निजी कार्यक्रम का भुगतान विभाग द्वारा नहीं किया गया।
लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री डी.के. चंदेल ने बताया कि आरटीआई के तहत विभाग द्वारा दी गई जानकारी में वायरल किसी भी बिल का कोई उल्लेख नहीं है। वायरल बिल और जानकारी विभाग के अभिलेखों में कहीं भी दर्ज नहीं हैं।
श्री चंदेल ने यह भी बताया कि विभाग ने केवल सरकारी और शासकीय कार्यक्रमों में टेंट, पंडाल, लाइटिंग और साउंड जैसी व्यवस्थाओं का भुगतान किया है। उदाहरण के तौर पर 19-21 दिसंबर 2024 को नवागढ़ में मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए 1.76 करोड़ रुपये, 25 जनवरी 2024 को जूनी सरोवर ग्राम में 71 लाख रुपये और अन्य कई सरकारी कार्यक्रमों में कुल भुगतान किए गए।
लोक निर्माण विभाग ने साफ किया है कि किसी भी निजी कार्यक्रम, विशेषकर 9 अगस्त 2024 के कार्यक्रम का भुगतान विभाग द्वारा नहीं हुआ। विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसी भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी बिल ने कई लोगों को भ्रमित किया, लेकिन विभाग ने पूरी सच्चाई उजागर करके स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ शासकीय कार्यक्रमों का ही भुगतान किया गया है।