हिड़मा के मारे जाने के बाद बारसे देवा भी टूट गया… बस्तर की सबसे ख़ूँख़ार बटालियन नंबर-1 का अंत करीब?
जंगल में हलचल तेज, सुरक्षित कॉरिडोर तैयार—कभी हिड़मा का सबसे भरोसेमंद साथी अब सरेंडर की दहलीज पर

जगदलपुर। बस्तर में नक्सलियों की सबसे ख़तरनाक PLGA बटालियन नंबर 1 की रीढ़ माने जाने वाला कमांडर बारसे देवा अब किसी भी वक्त सरेंडर कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सुकमा इलाके में उसके लिए सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया गया है, ताकि वह बिना किसी खतरे के जंगल से बाहर आ सके।
अगर देवा हथियार डाल देता है तो माना जा रहा है कि नक्सलियों की यह सबसे खूँख़ार मिलिट्री विंग लगभग खत्म हो जाएगी।
🔻 हिड़मा की मौत के बाद संगठन डगमगाया
18 नवंबर को सेंट्रल कमेटी सदस्य माड़वी हिड़मा आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सितारामा राजू जिले में एनकाउंटर में मारा गया था। उसकी मौत ने पूरे बस्तर में नक्सल नेटवर्क को हिला कर रख दिया।
हिड़मा ही वह कड़ी था जो बस्तर के नक्सल मोर्चे को माओवादी लीडरशिप से जोड़कर रखता था।
🔻 एक ही गांव के, एक ही गिरोह की कड़ी
हिड़मा और बारसे देवा दोनों सुकमा के पूवर्ती गांव के रहने वाले हैं।
करीब दो साल पहले जब हिड़मा को सेंट्रल कमेटी में प्रमोशन मिला, तब उसने ही देवा को PLGA बटालियन नंबर 1 का कमांडर बनाया था।
देवा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नक्सली सक्रिय थे, लेकिन—
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पुलिस के लगातार दबाव,
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बढ़ती घेराबंदी,
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और लगातार हो रहे एनकाउंटर
की वजह से पूरी बटालियन टुकड़ों में बिखर गई है।
🔻 अगले कुछ दिनों में बड़ा खुलासा संभव
देवा के सरेंडर की चर्चा ने सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ा दी है। अगर वह आत्मसमर्पण कर देता है तो—
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बस्तर में नक्सलियों की सैन्य संरचना को सबसे बड़ा झटका लगेगा,
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हिड़मा के बाद संगठन की दूसरी मजबूत कड़ी भी टूट जाएगी,
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और PLGA बटालियन नंबर 1 नाम मात्र रह जाएगी।
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