कांग्रेस की लिस्ट पर सस्पेंस गहराया!दिल्ली दरबार में अटकी मंडल–ब्लॉक अध्यक्षों की फाइल, गुटबाजी बनी सबसे बड़ी रुकावट?

रायपुर।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन विस्तार को लेकर सियासी बेचैनी चरम पर है। मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों की जिस सूची का कार्यकर्ता बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वह पिछले एक हफ्ते से दिल्ली में अटकी हुई है। कई दौर की बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी जद्दोजहद के बाद तैयार की गई यह सूची अब हाईकमान के मंथन में फंसी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हाल ही में 307 ब्लॉक अध्यक्ष और 1467 मंडल अध्यक्षों की सूची तैयार कर प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और दिल्ली हाईकमान को सौंप दी थी। लेकिन ऐलान अब तक नहीं हो पाया।
🌀 दिल्ली में कट रही है लिस्ट, जुड़ भी रहे नाम
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में सूची पर फिर से कैंची चल रही है। कुछ नाम हटाए जा रहे हैं, तो कुछ नए नाम जोड़े जा रहे हैं।
PCC चीफ दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता बीते पखवाड़े से यही कह रहे हैं कि
“एक-दो दिन में सूची जारी हो जाएगी”
लेकिन मौजूदा हालात देखकर साफ है कि घोषणा अभी और टल सकती है।
🗣️ पूर्व PCC चीफ का भी बयान
इस पूरे मामले पर पूर्व PCC चीफ धनेन्द्र साहू ने भी आज कहा कि संभावित सूची हाईकमान को भेज दी गई है और जल्द ही मंडल व ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी।
हालांकि “जल्द” कब— इसका जवाब अब भी धुंध में है।
⚔️ बीजेपी का तंज— कांग्रेस कई हिस्सों में बंटी
इधर बीजेपी ने इस देरी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने तंज कसते हुए कहा—
“कांग्रेस भूपेश कांग्रेस, बैज कांग्रेस, महंत कांग्रेस और टीएस कांग्रेस में बंटी हुई है। जिला अध्यक्ष भी अलग-अलग गुटों से जुड़े हैं।”
उन्होंने कहा कि हर गुट चाहता है कि मंडल और ब्लॉक स्तर पर उसी के समर्थकों को कुर्सी मिले, इसी वजह से सूची अब तक जारी नहीं हो पा रही है।
❓ बड़ा सवाल— कब टूटेगा सस्पेंस?
क्या हाईकमान किसी बड़े राजनीतिक समीकरण पर अंतिम मुहर का इंतजार कर रहा है?
या फिर गुटबाजी ही कांग्रेस की सबसे बड़ी बाधा बन गई है?
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