Raigarh News: महिला समितियों के साथ पुलिस का जनजागरण अभियान रंग ला रहा असर, जोबी क्षेत्र में कई गांव ‘नशा मुक्त गांव’ की ओर अग्रसर

रायगढ़ November 8, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: महिला समितियों के साथ पुलिस का जनजागरण अभियान रंग ला रहा असर, जोबी क्षेत्र में कई गांव ‘नशा मुक्त गांव’ की ओर अग्रसर

Raigarh News: महिला समितियों के साथ पुलिस का जनजागरण अभियान रंग ला रहा असर, जोबी क्षेत्र में कई गांव ‘नशा मुक्त गांव’ की ओर अग्रसर

 

रायगढ़, 8 नवंबर । रायगढ़ जिले के बरगढ़ खोला और आसपास के गांवों में अब नशा के खिलाफ नई हवा बह रही है। शासन की मंशा के अनुरूप अवैध शराब के उन्मूलन के लिए पुलिस अधीक्षक रायगढ़ दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में खरसिया अनुविभाग में नशा उन्मूलन का वृहद जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में पुलिस चौकी जोबी के ग्राम खड़गांव में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा गबेल, एसडीएम प्रवीण तिवारी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खरसिया प्रभात पटेल, रविन्द्र गबेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और ग्रामीण शामिल हुए। इस अवसर पर ग्रामीणों से नशा त्यागने और अवैध शराब के विरुद्ध सामूहिक अभियान चलाने का आह्वान किया गया।

चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक लक्ष्मीनारायण राठौर के नेतृत्व में जोबी पुलिस लगातार गांव-गांव पहुंच रही है। महिलाओं को नशा मुक्ति के अभियान से जोड़ने के लिए गांवों में महिला समितियों का गठन किया गया है, जो परिवार और समाज में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जनजागृति फैला रही हैं। इन समितियों की पहल से ग्रामीण अपने गांवों को नशा मुक्त बनाने की दिशा में स्वयं आगे आ रहे हैं। ग्राम गोरपार, कसाईपाली, खम्हार और गाड़ापाली जैसे गांव अब नशा मुक्त घोषित होने की दिशा में अग्रसर हैं।

इसी जनसहयोग अभियान के परिणामस्वरूप कल 7 नवंबर 2025 को पुलिस चौकी जोबी द्वारा मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए महिला आरोपिया शिवकुमारी राठिया पति नरसिंह (उम्र 40 वर्ष) निवासी कोठी कुंडा के पास से 15 लीटर हाथभट्टी की महुआ शराब और भारी मात्रा में महुआ लाहन बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की।

अभियान में सहायक उपनिरीक्षक एल.एन. राठौर, प्रधान आरक्षक दशरथ लाल सिदार, आरक्षक चंद्रशेखर लोधा और महिला समिति सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नशा विरोधी इस मुहिम ने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत कर दी है—जहां पहले शराब के कारण सामाजिक वातावरण दूषित होता था, वहीं अब गांवों में जागरूकता और सुधार की नई बयार बह रही है।

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